छह महीने के शीतकालीन अवकाश के बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही हजारों भक्त बाबा केदार के दर्शन के लिए धाम पहुंचने लगे हैं। आज से केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवाएं भी शुरू हो गई हैं। इस दौरान पूरा केदारनाथ क्षेत्र बर्फ की मोटी चादर से ढका हुआ है और तापमान भी शून्य के करीब बना हुआ है। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं में आस्था की कोई नहीं है। सीएम पुष्कर सिंह धामी भी बाबा केदार के धाम पहुंचे और पीएम मोदी के नाम मंदिर में पहली पूजा की।
इस बार रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने धाम की गरिमा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में कई सख्त नियम लागू किए हैं। मंदिर के अंदर मोबाइल फोन, कैमरा, वीडियोग्राफी और ड्रोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके साथ ही तीन धामों में गैर सनातनियों पर पाबंदी लगाई गई है।
19 अप्रैल से चारधाम यात्रा की शुरुआत
चारधाम यात्रा की औपचारिक शुरुआत 19 अप्रैल के दिन अक्षय तृतीया से हो चुकी है। 19 अप्रैल को गंगोत्री और फिर यमुनोत्री धाम के कपाट खोले गए। अब 23 अप्रैल को सुबह 4 बजे बदरीनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे। इसके बाद चारधाम यात्रा विधिवत शुरू हो जाएगा। अगले 6 महीने चारधाम यात्रा चलेगी। यात्रा शुरू होते ही श्रद्धालु लगातार बेस कैंप तक पहुंच रहे थे। कपाट खुलने के साथ ही अब यात्रा ने रफ्तार पकड़ ली है और आने वाले दिनों में भारी भीड़ की संभावना जताई जा रही है।
20 लाख के पार रजिस्ट्रेशन
चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। अब तक चारधाम और हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए 20 लाख से अधिक लोग पंजीकरण करा चुके हैं। आंकड़ों के अनुसार यमुनोत्री के लिए 3,50,859, गंगोत्री के लिए 3,61,243, केदारनाथ के लिए 7,22,966 और बदरीनाथ के लिए 6,09,339 श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। वहीं हेमकुंड साहिब के लिए भी 21,867 श्रद्धालु पंजीकरण कर चुके हैं।
मंदिर परिसर में सख्त पाबंदियां लागू
रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने बताया कि मंदिर प्रांगण में किसी भी तरह की रील बनाने या वीडियो शूट करने की अनुमति नहीं है। साथ ही बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर भी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि पहले ही दो अनधिकृत ड्रोन पर कार्रवाई की जा चुकी है और आगे भी ऐसे मामलों में सख्ती जारी रहेगी।
तीन धामों में गैर सनातनी बैन
बदरी-केदार मंदिर समिति ने इस बार चारधाम यात्रा में आस्था और धामों की गरिमा को बनाए रखने के लिए तीन धामों में गैर सनातनियों के प्रवेश पर पाबंदी लगाई है। गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में गैर सनातनियों को प्रवेश नहीं मिलेगा। मंदिर समिति यह जांच चारधाम यात्रा रजिस्ट्रेशन के दौरान कर रही है। मंदिर समिति का स्पष्ट कहना है कि अगर कोई गैर सनातनी मंदिर में प्रवेश करने का इच्छुक है तो उसे हलफनामा देना होगा और स्पष्ट करना होगा कि उसकी सनातन के प्रति आस्था है।
धाम में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर ऐक्शन
केदारनाथ धाम में सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने वालों पर सख्त कार्रवाई की गई। सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान कुछ लोगों को नियमों का उल्लंघन करते हुए ड्रोन उड़ाते पकड़ा, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए उनके दो ड्रोन जब्त कर लिए गए। प्रशासन ने साफ किया है कि धाम की सुरक्षा और मर्यादा से समझौता नहीं किया जाएगा।
मोबाइल काउंटर और लॉकर की व्यवस्था
प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर के बाहर मोबाइल जमा करने के लिए काउंटर और लॉकर सिस्टम भी शुरू किया है, ताकि लोग अपने सामान को सुरक्षित रख सकें और बिना किसी परेशानी के दर्शन कर सकें।
भारी बर्फबारी के बीच सतर्क रहने की सलाह
इस बार मार्च और अप्रैल में भी भारी बर्फबारी देखने को मिली है, जिससे कई रास्तों पर खतरा बना हुआ है। केदारनाथ धाम में अभी भी बर्फ की मोटी चादर बिछी है। तीर्थयात्रियों को पहले ही दिन लिंचौली से केदारनाथ तक बर्फ का दीदार देखने को मिला। कई जगहों पर 4 फीट बर्फ है जबकि कुछ स्थानों पर काफी कम बर्फ है। हालांकि बर्फ के बीच मुश्किलें भी होंगी, किंतु उन यात्रियों के लिए यह विशेष अवसर होगा जब उन्हें बाबा केदार के दर्शनों के साथ बर्फ का दीदार करने का मौका भी मिलेगा। रुद्रप्रयाग डीएम विशाल मिश्रा ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षित मार्गों का ही इस्तेमाल करें और प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करें।
आस्था और भक्ति से गूंजा धाम
कपाट खुलने के साथ ही पूरे केदारनाथ धाम में ‘हर हर महादेव’ के जयकारे गूंज उठे। बड़ी संख्या में श्रद्धालु बर्फ के बीच बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्थाओं को और मजबूत कर दिया है, ताकि यात्रा सुचारु और सुरक्षित तरीके से संचालित हो सके।



















