छत्तीसगढ़ में अब माइक्रो ब्रुअरी खोलने की अनुमति दे दी गई है। राज्य सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेश में भी लोगों को मुंबई जैसे शहरों की तर्ज पर ताजी तैयार की गई क्राफ्ट बीयर का विकल्प मिल सकेगा। नई व्यवस्था के तहत माइक्रो ब्रुअरी में सीमित मात्रा में बीयर तैयार की जाएगी, जिसे स्थानीय स्तर पर ग्राहकों को उपलब्ध कराया जा सकेगा। सरकार का उद्देश्य इससे पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और नए व्यवसायों को बढ़ावा देना है। माइक्रो ब्रुअरी की सुविधा शुरू होने से होटल, रेस्टोरेंट और बार इंडस्ट्री को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे प्रदेश में नए निवेश के अवसर बढ़ सकते हैं और उपभोक्ताओं को बीयर के नए विकल्प उपलब्ध हो सकेंगे।
आबकारी विभाग करेगा लाइसेंस जारी
राज्य सरकार ने माइक्रो ब्रुअरी खोलने की मंजूरी के बाद अब अब आबकारी विभाग लाइसेंस जारी करेगा. बता दें कि कर्नाटक, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और गोवा जैसे राज्यों में माइक्रो ब्रुअरी पहले से चल रही हैं. खास कर बेंगलुरू शहर को तो ‘क्राफ्ट बीयर कैपिटल’ भी कहा जाता है. इन राज्यों की तरह अब छत्तीसगढ़ में भी क्राफ्ट बीयर उपलब्ध होगी.
लाइसेंस के लिए सबसे जरूरी बातें
बता दें कि माइक्रो ब्रुअरी में सीमित मात्रा में बीयर तैयार की जाती है और इसे रेस्टोरेंट-होटल में सप्लाई किया जाता है. इसका लाइसेंस आबकारी विभाग जारी करता है. इसके लिए 10 लाख की फीस और 4 हजार वर्ग फीट जमीन की जरूरत पड़ती है. क्राफ्ट बीयर छोटे बैच में तैयार की जाती है, इसलिए इसके स्वाद, गुणवत्ता और ताजगी पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है.
साधारण बीयर से कितनी अलग होती है क्राफ्ट बीयर
इसमें बेहतर गुणवत्ता वाले माल्ट, हॉप्स और अन्य प्राकृतिक सामग्री का इस्तेमाल होता है. यही वजह है कि इसका स्वाद सामान्य फैक्ट्री में बनने वाली बीयर से अलग होता है. इसमें अलग-अलग फ्लेवर भी मिलते हैं और इसे ताजा परोसा जाता है.
1 ग्लास क्राफ्ट बीयर की कीमत
बात अगर कीमत की करें तो सरकार ने माइक्रो ब्रुअरी में तैयार की जाने वाली क्राफ्ट बीयर पर 60 रुपये प्रति बल्क लीटर उत्पाद शुल्क तय किया है. वहीं 1 गिलास क्राफ्ट बीयर की अनुमानित कीमत 250 से 300 रुपये तक हो सकती है.


















