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अनुपस्थित शिक्षकों पर कार्रवाई की जानकारी नहीं देने पर जेडी-डीईओ को नोटिस

रायपुर। युक्तियुक्तकरण के तहत पदांकित विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले तथा लंबे समय से अनुपस्थित शिक्षकों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराने पर लोक शिक्षण संचालनालय ने संभागीय संयुक्त संचालकों (जेडी) और जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) पर नाराजगी जताई है। लोक शिक्षण संचालक ने सभी जेडी और डीईओ को पत्र जारी कर तीन दिनों के भीतर कार्रवाई प्रतिवेदन भेजने के निर्देश दिए हैं। साथ ही एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को भी कहा गया है।

संचालक ने पत्र में उल्लेख किया है कि शासन द्वारा पदस्थापना एवं स्थानांतरण के बाद नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की गई है। इसके बावजूद अनेक शिक्षक युक्तियुक्तकरण के तहत आवंटित विद्यालयों में अब तक कार्यभार ग्रहण नहीं कर रहे हैं। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई कर उसका प्रतिवेदन संचालनालय को भेजना था, लेकिन अधिकांश जिलों से अब तक कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है।

लोक शिक्षण संचालनालय का कहना है कि बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा अनुपस्थित शिक्षकों तथा उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई का विवरण नहीं भेजा गया। इसे अधिकारियों की लापरवाही और कर्तव्यों के प्रति शिथिलता माना गया है।

अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी

संचालक ने पत्र में स्पष्ट किया है कि अपने क्षेत्राधिकार एवं पदीय दायित्वों के निर्वहन में विलंबकारी नीति अपनाना तथा निर्देशों की अनदेखी करना छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों के विपरीत है। उन्होंने पूछा है कि ऐसी स्थिति में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।

सप्ताहभर में देना होगा स्पष्टीकरण

सभी जेडी और डीईओ को निर्देश दिया गया है कि युक्तियुक्तकरण के अंतर्गत नवीन पदांकित विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले शिक्षकों और व्याख्याताओं के विरुद्ध की गई कार्रवाई का प्रतिवेदन तीन दिनों के भीतर संचालनालय को भेजें। इसके अलावा एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण भी प्रस्तुत करें। निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर यह माना जाएगा कि संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में कुछ नहीं कहना है और उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रकरण शासन को भेज दिया जाएगा।

कई जिलों में प्रभारी डीईओ के भरोसे व्यवस्था

गौरतलब है कि प्रदेश के अधिकांश जिलों में जिला शिक्षा अधिकारी प्रभारी व्यवस्था के तहत कार्य कर रहे हैं। कई स्थानों पर अधिकारियों के सेवानिवृत्त होने के बाद नियमित नियुक्तियां नहीं हुई हैं। इसके कारण शिक्षा प्रशासन की कार्यप्रणाली प्रभावित होने और संचालनालय के निर्देशों के पालन में ढिलाई की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। हालिया मामला भी इसी स्थिति को उजागर करता है, जिसमें संचालनालय को बार-बार निर्देश जारी करने के बावजूद अपेक्षित जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी।

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