रायपुर। नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के हालिया बयान के बाद प्रदेश भाजपा के कार्यकर्ताओं में एक बार फिर नगरीय निकायों में एल्डरमैन नियुक्ति की उम्मीद जागी है। पिछले करीब ढाई वर्षों से पार्टी के अनेक कार्यकर्ता एल्डरमैन पदों पर नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि चुनाव के दौरान संगठन कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपता है और भविष्य में संगठन अथवा सत्ता में भागीदारी का भरोसा दिलाया जाता है, लेकिन अब तक एल्डरमैन नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
भाजपा की प्रदेश सत्ता में वर्ष 2023 में वापसी के बाद कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि जल्द ही नगरीय निकायों में एल्डरमैन नियुक्त किए जाएंगे। इससे पहले तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अगस्त 2019 में प्रदेश के 27 में से 24 जिलों के नगरीय निकायों में लगभग 1200 एल्डरमैन नियुक्त किए थे। बाद में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार ने 22 दिसंबर 2023 को इन नियुक्तियों को निरस्त कर दिया था। तब से अधिकांश पद रिक्त हैं।
जिलाध्यक्षों से मंगवाए गए थे नाम
भाजपा संगठन ने एल्डरमैन नियुक्ति की तैयारी के तहत सभी जिला अध्यक्षों से संभावित नामों की सूची भी मंगवाई थी। हालांकि इसी दौरान लोकसभा चुनाव, संगठनात्मक चुनाव, रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव, नगरीय निकाय चुनाव तथा त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव जैसी राजनीतिक गतिविधियां सामने आ गईं। संगठन के नेताओं ने समय-समय पर यह आश्वासन दिया कि चुनावी प्रक्रिया पूरी होते ही नियुक्तियां कर दी जाएंगी, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ सका।
जिलाध्यक्षों के बदलाव से बढ़ी उलझन
भाजपा सूत्रों के अनुसार नियुक्ति प्रक्रिया में देरी का एक बड़ा कारण जिलाध्यक्षों का बदलना भी माना जा रहा है। पहले भेजी गई सूची के कुछ नामों को पार्षद टिकट मिल गया, जबकि कुछ नेताओं ने नगर पालिका और नगर पंचायत चुनाव लड़ लिया। इसके अलावा संगठनात्मक चुनाव के बाद कई जिलों में नए जिलाध्यक्ष नियुक्त हो गए।
बताया जा रहा है कि नए जिलाध्यक्षों ने पूर्व जिलाध्यक्षों द्वारा भेजी गई सूचियों में संशोधन करते हुए नए नामों का प्रस्ताव भेजा है। ऐसे में अब यह मांग उठ रही है कि एल्डरमैन नियुक्ति में वर्तमान जिला नेतृत्व की राय को प्राथमिकता दी जाए। इसी कारण अंतिम सूची को लेकर सहमति बनने में समय लग रहा है।
कार्यकर्ताओं को फैसले का इंतजार
पिछले वर्ष नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा को मिली बड़ी सफलता के बाद कार्यकर्ताओं की उम्मीदें और बढ़ गई थीं। हालांकि लंबे इंतजार के चलते कई कार्यकर्ताओं में निराशा भी देखने को मिल रही है। अब नगरीय प्रशासन मंत्री के हालिया संकेतों के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि लंबे समय से लंबित एल्डरमैन नियुक्तियों पर जल्द निर्णय लिया जा सकता है।



















