एक भजन है… मारने वाला है भगवान, बचाने वाला है भगवान। दिल्ली के रहने वाले नितिन वंदना के लिए तो आरपीएफ सिपाही वंदना कटियार और रवि प्रताप राय ही भगवान बनकर आए।
दरअसल, वंदेभारत एक्सप्रेस से सेंट्रल स्टेशन पर उतरे नितिन चढ़ नहीं पाए और ट्रेन चल दी। ऑटोमेटिक सिस्टम के चलते सभी कोचों के दरवाजे भी बंद हो गए। ट्रेन के पीछे-पीछे दौड़ रहे नितिन को गार्ड का कोच खुला नजर आया तो उसमें चढ़ने की कोशिश करने लगे और फिसलकर ट्रेन व प्लेटफार्म के बीच जाकर गिर गए। वहां तैनात वंदना और रवि ने बगैर देरी किए नितिन को खींचकर बचा लिया।
नई दिल्ली निवासी नितिन वंदना वाराणसी जाने के लिए सोमवार को वंदेभारत एक्सप्रेस के सी-8 कोच में सवार हुए। कानपुर सेंट्रल पर ट्रेन सुबह लगभग 10:30 बजे प्लेटफार्म नंबर पांच पर पहुंची। नितिन खानेपीने का सामान लेने नीचे उतरे थे। उनके चढ़ने से पहले ही ट्रेन चल पढ़ी। वह ट्रेन के साथ-साथ दौड़े लेकिन सभी कोचों के दरवाजे लॉक हो चुके थे। ट्रेन के पीछे दौड़ रहे नितिन को आरपीएफ सिपाही बंदना कटियार और रवि ने शोर मचाकर रोकने का प्रयास किया। सिपाहियों के मुताबिक कुछ सेकंड के लिए नितिन रुके पर जैसे ही गार्ड केबिन का दरवाजा खुला देखा तो दौड़ लगाकर चढ़ने लगे। संतुलन बिगड़ा तो वह ट्रेन और ट्रैक के बीच में गिरकर फंस गए। इस पर सिपाहियों ने दौड़ लगाते हुए उन्हें खींचकर सकुशल निकाल लिया।
घटना के बाद दहशत की वजह से बेहोश हुआ यात्री
घटना के बाद में बीपी बढ़ने से यात्री नितिन बेहोश हो गए थे। सेंट्रल स्टेशन की डिस्पेंसरी में प्राथमिक जांच हुई। कुछ देर बाद उन्हें होश आया तो बंदना और रवि का शुक्रिया अदा किया। आरपीएफ प्रभारी एसएन पाटीदार ने नितिन को दूसरी ट्रेन से वाराणसी भेजा।



















