रायपुर/बिलासपुर। स्मार्ट मीटर तेज चलने की शिकायतों के बीच छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी की जांच में सभी शिकायतें निराधार साबित हुई हैं। कंपनी ने उपभोक्ताओं की शिकायतों के आधार पर 47 स्मार्ट मीटरों की लैब में तकनीकी जांच कराई, जिसमें सभी मीटर निर्धारित मानकों के अनुरूप सही पाए गए। जांच में किसी भी मीटर के तेज चलने या त्रुटिपूर्ण होने की पुष्टि नहीं हुई।
विद्युत वितरण कंपनी के रीजनल कार्यपालक निदेशक ए.के. अंबस्ट ने बताया कि उपभोक्ताओं द्वारा स्मार्ट मीटरों की रीडिंग और बिलिंग को लेकर शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित मीटरों को परीक्षण के लिए लैब भेजा गया। विस्तृत जांच के बाद सभी 47 स्मार्ट मीटर शत-प्रतिशत सही पाए गए और उनमें दर्ज बिजली की खपत वास्तविक उपयोग के अनुरूप मिली।
उन्होंने बताया कि लगभग 90 प्रतिशत मीटरों की जांच उपभोक्ताओं की मौजूदगी में की गई, ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे और किसी तरह की शंका न रहे। जांच पूरी तरह स्वचालित प्रणाली से की गई, जिसमें मानवीय हस्तक्षेप की कोई भूमिका नहीं होती, इसलिए परिणाम पूरी तरह विश्वसनीय हैं। कार्यपालक निदेशक ने कहा कि स्मार्ट मीटरिंग व्यवस्था का उद्देश्य बिजली वितरण प्रणाली को आधुनिक, पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी बनाना है। इससे मीटर रीडिंग डिजिटल माध्यम से होती है, जिससे गलत रीडिंग और बिलिंग संबंधी त्रुटियों की संभावना काफी कम हो जाती है।
उन्होंने बताया कि ‘मोर बिजली’ ऐप में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए कई नई सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इसके माध्यम से उपभोक्ता वर्तमान माह की अनुमानित बिजली खपत पहले से देख सकते हैं, पिछले माह या पिछले वर्ष की समान अवधि से तुलना कर सकते हैं तथा दैनिक और मासिक बिजली उपयोग की निगरानी कर अपने बिजली खर्च को नियंत्रित रख सकते हैं। कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि स्मार्ट मीटर या बिलिंग को लेकर कोई शिकायत हो तो वे निर्धारित माध्यमों से शिकायत दर्ज कराएं। प्रत्येक शिकायत का तकनीकी परीक्षण कर निष्पक्ष जांच की जाएगी।


















