वेब डेस्क। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार के विभागों में भर्ती के लिए एक साल का वर्क एक्सपीरियंस अनिवार्य किया जाएगा. उन्होंने कहा कि नए आवेदकों को सीधे सरकारी नौकरी में नहीं लिया जाएगा. सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करने से पहले निजी क्षेत्र में काम करके एक्सपीरियंस लेना होगा.
उत्तरी गोवा के तलेगांव में एक समारोह में सावंत ने कहा कि भविष्य में सरकारी नौकरी की तलाश करने वालों के लिए एक साल का वर्क एक्सपीरियंस अनिवार्य कर दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे सरकार को कुशल कर्मचारी नियुक्त करने में मदद मिलेगी. सावंत ने कहा कि उचित कर्मचारियों का चयन सुनिश्चित करने के लिए भर्ती नियमों (आरआर) में जरूरी संशोधन किए जाएंगे. सावंत ने यह भी कहा कि भविष्य में कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से भर्ती अनिवार्य की जाएगी.
सीएम ने कहा, ऐसी घटनाएं हुई हैं, जहां ग्रेजुएशन पास करने से पहले, कई ने अकाउंट्स और अन्य पदों के लिए आवेदन किया था, यहां तक कि ऐसा ही ट्रेंड पीएसआई पदों के मामले में देखा गया था. अब से ऐसा नहीं होगा. सरकारी नौकरी के लिए प्राइवेट सेक्टर में कम से कम एक साल के अनुभव की जरूरत होगी. उन्होंने कहा, “भविष्य में सरकारी नौकरी की भर्ती के दौरान, पिछले नौकरी का अनुभव अनिवार्य रूप से मांगा जाएगा. अब तक लोगों को लगता था कि एग्जाम पास करने के बाद सरकारी नौकरी (बिना अनुभव के) मिल जाएगी.
उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को पहले प्राइवेट सेक्टर में नौकरी कर अनुभव हासिल करना होगा. सीएम सावंत ने कहा, ‘गोवा सरकार एक तरफ बुनियादी ढांचा तैयार कर रही है और दूसरी तरफ मानव संसाधन बनाने की योजना भी बना रही है. हम इस बारे में सोच रहे हैं कि प्राइवेट और गवर्नमेंट कैसे मानव संसाधन की इस प्रतिभा का इस्तेमाल कर सकते हैं.’


















