ब्रेकिंग खबरें

छत्तीसगढ़बिलासपुर संभागरायपुर संभाग

सबूतों और मटेरियल के आधार पर आगे बढ़ेगा ट्रायल कोर्ट, पाक्सो एक्ट में दर्ज एफआईआर रद्द कराने पेश याचिका खारिज

रायपुर/बिलासपुर। जस्टिस नरेन्द्र कुमार व्यास एवं जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की अवकाशकालीन डीबी ने नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोप में दर्ज एफआईआर एवं सुनवाई की प्रक्रिया को रद्द करने प्रस्तुत याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दी कि अभियोजन के सबूत लगभग पूरे हो चुके हैं और ट्रायल आखिरी स्टेज पर है, इस स्थिति में हाईकोर्ट कोई दखल नहीं दे सकता है।

याचिकाकर्ता भिलाई दुर्ग निवासी सुखवंत सिह के खिलाफ पुलिस स्टेशन सुपेला, स्मृति नगर, जिला दुर्ग ने क्राइम नंबर 318/2023 के तौर पर रजिस्टर्ड 15. अप्रैल 2023 को सेक्शन 294, 323, 354, 506 और 34 और प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट, 2012 (पाक्सो) के तहत जुर्म दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया है। ट्रायल कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है। इसके खिलाफ आरोपित ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर तत्कालन सुनवाई के लिए आवेदन पेश कर सेक्शन 8 और 12 के तहत सजा वाले अपराधों के साथ ही इससे होने वाली सभी कार्रवाई भी रद्द करने की मांग की गई। आगे तर्क दिया गया कि घटना साल 2018 की है और एफआईआर लगभग पांच साल की देरी के बाद दर्ज की गई है।

 हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद अपने आदेश में कहा कि, रिकॉर्ड से पता चलता है कि, अभियोजन के सबूत लगभग पूरे हो चुके हैं और ट्रायल आखिरी स्टेज पर है। इसलिए, इस स्टेज पर, इस कोर्ट के लिए मामले में दखल देना सही नहीं होगा। मामले के फैक्ट्स और हालात को देखते हुए, इस कोर्ट का मानना है कि, दखल देने का कोई मामला नहीं बनता है। यह साफ किया जाता है कि इस कोर्ट ने मामले के मेरिट पर कोई राय नहीं दी है। ट्रायल कोर्ट रिकॉर्ड में मौजूद सबूतों और मटीरियल के आधार पर कानून के मुताबिक आगे बढ़ेगा, इसके साथ ही याचिका खारिज कर दी गई।

What's your reaction?

Related Posts