Aajtakcg.Com रायपुर। भारतीय मजदूर संघ (भामसं) छत्तीसगढ़ प्रदेश की महत्वपूर्ण कार्यसमिति बैठक रविवार को रायपुर स्थित प्रदेश कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती शोभा सिंह देव ने की। बैठक में संगठन के विस्तार, श्रमिक हितों और आगामी कार्यक्रमों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय मंत्री राधेश्याम जैसवाल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री सी. वी. राजेश, अखिल भारतीय सह मंत्री एवं प्रदेश महामंत्री दिनेश पांडे, अखिल भारतीय सह मंत्री गिरजा शंकर आचार्य तथा कार्यकारी अध्यक्ष शंकध्वनि सिंह बनाफर सहित प्रदेश कार्यसमिति के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यसमिति में संगठनात्मक विषयों पर व्यापक चर्चा के बाद सर्वसम्मति से शंकध्वनि सिंह बनाफर को भारतीय मजदूर संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश का नया महामंत्री मनोनीत किया गया। पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में संगठन को नई दिशा मिलेगी और श्रमिकों के हितों की लड़ाई को और मजबूती मिलेगी।

बैठक में प्रदेश के सभी जिलों एवं औद्योगिक क्षेत्रों में संगठन का विस्तार करने, श्रमिकों के साथ नियमित संवाद बढ़ाने तथा संगठन को अधिक सक्रिय एवं सशक्त बनाने पर जोर दिया गया। साथ ही संगठन के प्रशासनिक एवं कार्यालयीन कार्यों को व्यवस्थित करने के लिए टाटा बाबु राव को प्रदेश कार्यालय प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई।
कार्यसमिति ने श्रमिक जागरण, संगठन विस्तार और संपर्क अभियानों को गति देने के लिए विभिन्न कार्यशालाओं के आयोजन का निर्णय लिया। इसके साथ ही प्रदेश में श्रमिकों की ज्वलंत समस्याओं और अधिकारों की रक्षा के लिए लगभग एक लाख श्रमिकों की भागीदारी वाली विशाल आक्रोश रैली आयोजित करने का ऐतिहासिक निर्णय भी लिया गया।
बैठक में निकट भविष्य में भारतीय मजदूर संघ छत्तीसगढ़ का भव्य प्रदेश स्तरीय अधिवेशन आयोजित करने पर भी सहमति बनी। संगठन ने यह संकल्प लिया कि वह परिवहन क्षेत्र, ठेका श्रमिकों, सफाई कर्मचारियों, गिग एवं प्लेटफॉर्म वर्कर्स तथा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों तक अपनी पहुंच बढ़ाएगा और उनके सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए विशेष अभियान चलाएगा।
बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों ने श्रमिक हित, राष्ट्रहित और संगठन हित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करने का संकल्प दोहराया तथा प्रदेश के श्रमिकों से संगठन के साथ जुड़कर श्रमिक एकता को मजबूत करने और श्रमिक अधिकारों की रक्षा के लिए चलाए जाने वाले आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।



















