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संगम की रेती पर श्रीराम मंदिर बनने की हुई थी भविष्यवाणी

प्रयागराज. श्रीराम मंदिर की भविष्यवाणी प्रयागराज में संगम तट पर सिद्ध संत देवरहा बाबा ने की थी. आज जब अयोध्या में जन्मभूमि पर मंदिर बन रहा है तो उनकी यह बात सच साबित हो रही है. उन्होंने कहा था कि आने वाली पीढ़ियां जरूर मंदिर निर्माण की साक्षी बनेंगी.

प्राण प्रतिष्ठा के आमंत्रण कार्ड के साथ दी जा रही संकल्प पुस्तिका में संत देवरहा बाबा की तस्वीर के साथ इस बात का जिक्र है, जो 33 साल पहले बाबा ने कही थी कि विहिप मेरी आत्मा है. मेरी सहमति से श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन चल रहा है.

त्रिवेणी बांध स्थित देवरहा बाबा सेवा आश्रम प्रबंधक डॉ. रामेश्वर शास्त्रत्त्ी प्रपन्नाचार्य ने बताया कि वर्ष 1989 के कुम्भ मेले में संत सम्मेलन धर्म संसद हुई थी. उस सम्मेलन में विहिप के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल से संत देवरहा बाबा ने कहा था कि अयोध्या में भगवान राम का मंदिर सर्वसम्मति और सहयोग से बनेगा. माघ मेला में विहिप का शिविर शंकर विमान मंडपम के नीचे सड़क किनारे लगा था. शास्त्रत्त्ी ने बताया कि देवरहा बाबा की भविष्यवाणी के वह साक्षी रहे हैं. बाबा 1954 से हर साल माघ मेला और कुम्भ के अवसर पर कल्पवास के लिए संगम तट पर आते थे. 19 जून, 1990 को वह बैकुंठवासी हुए.

बाबा ने जीवित रहते अपनी प्रतिमा स्थापित की थी

स्मृतियों को सहेज रहे डॉ.रामेश्वर शास्त्रत्त्ी

डॉ. रामेश्वर ने बताया कि संत देवरहा बाबा को एक साल पूर्व ही आभास हो गया था कि उनका देहावसान का समय आ गया है. बैंकुंठवासी होने के एक साल पहले 1989 में अपनी मूर्ति त्रिवेणी बांध स्थित आश्रम और वृंदावन के केशरी घाट पर स्थापित कर दी थी. आश्रम स्थित उनकी प्रतिमा बाबा के चमत्कारी व्यक्तित्व का प्रतिमान है.

त्रिवेणी बांध पर स्थित देवरहा बाबा की देखरेख डॉ. रामेश्वर शास्त्रत्त्ी प्रपन्नाचार्य कर रहे हैं. बताया कि 1967 में मैं मध्य प्रदेश से प्रयागराज में पढ़ने आया था उसके बाद से बाबा के सानिध्य में रहने लगा. 2005 से देवरहा बाबा सर्वेश्वर कल्याण ट्रस्ट का दायित्व संभाला. आश्रम में आषाढ़ एकादशी को दो दिनी आयोजन किया जाता है.

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