प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नीदरलैंड के हेग शहर में प्रवासी समुदाय के कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत के चार बड़े लक्ष्यों को लेकर बात की। साथ ही कहाकि भारत बड़े सपने देख रहा है। इस मौके पर पीएम मोदी ने ओलंपिक होस्ट करने और भारत के ग्रोथ इंजन बनने समेत चार बड़े लक्ष्यों का ऐलान किया। उन्होंने कहाकि आज यहां जो माहौल है उसे देखकर लग रहा है कि द हेग लिविंग सिंबल ऑफ इंडियन फ्रेंडशिप बन गया है। ये दिखाता है कि पासपोर्ट का रंग बदल सकता है, एड्रेस भी बदल सकता है, टाइम जोन भी बदल सकता है लेकिन मां भारती की संतानें कहीं भी रहें ये गर्मजोशी, जिंदगी का जश्न माने का जज्बा हमेशा हमारे साथ रहता है।
कई सभ्यताएं मिट गईं, लेकिन…
इससे पहले लोगों की जोरदार तालियों और नारों के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हेग में आयोजित सामुदायिक कार्यक्रम के मंच पर पहुंचे। उन्होंने कहाकि कई सभ्यताएं मिट गईं, लेकिन भारत की विविध संस्कृति आज भी लोगों के दिलों में धड़कती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि आज से 12 वर्ष पहले 2014 में 16 मई 2014 कुछ खास हुआ था। 2014 में आज के ही दिन लोकसभा चुनाव के नतीजे आए थे। भारत में लंबे समय के बाद स्थिर और पूर्ण बहुमत वाली सरकार का बनना पक्का हुआ था। एक वो दिन था और एक आज का दिन है भारतवासियों का विश्वास मुझे न रुकने देता है और न थकने देता है।
यूपीआई ट्रांजैक्शंस की भी चर्चा
इस दौरान पीएम मोदी ने कहाकि आज भारत में हर महीने 20 बिलियन से ज्यादा यूपीआई ट्रांजैक्शन होते हैं। यानी पूरी दुनिया में हो रहे डिजिटल ट्रांजैक्शन में आधे से ज्यादा सिर्फ भारत में हो रहे हैं। उन्होंने कहाकि 12 साल पहले देश में 500 से भी कम स्टार्टअप थे, आज ये संख्या बढ़कर 2 लाख से भी ज्यादा हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि आप सबसे मुलाकात के बाद नीदरलैंड्स के राजा और रानी से मिलने का अवसर मिलेगा। इसके साथ राष्ट्रपति से भी विस्तार से कई विषयों पर चर्चा होगी। मेरी जब भी नीदरलैंड्स के नेताओं से बात हुई है ये भारतीय प्रवासी समुदाय की बहुत प्रशंसा करते हैं। उन्होंने कहाकि आप नीदरलैंड्स के समाज और यहां की अर्थव्यवस्था में जो योगदान दे रहे हैं उसपर हर भारतवासी को गर्व है। मैं आज इस अवसर पर नीदरलैंड्स की जनता का यहां की सरकार का आभार व्यक्त करता हूं।
इन चुनौतियों पर भी की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि पहले कोविड आया। फिर युद्ध होने शुरू हो गए और अब आज का एनर्जी क्राइसिस(ऊर्जा संकट) है। ये दशक दुनिया के लिए आपदाओं का दशक बन रहा है। अगर ये स्थितियां तेजी से नहीं बदली गई तो बीते अनेक दशकों की उपलब्धियों पर पानी फिर जाएगा। पीएम मोदी ने कहाकि दुनिया की बहुत बड़ी आबादी फिर से गरीबी के दलदल में चली जाएगी। ऐसी वैश्विक परिस्थितियों में आज दुनिया रेजिलिएंट सप्लाई चेन की बात कर रही है, तब भारत और नीदरलैंड्स मिलकर एक भरोसेमंद, पारदर्शी और भविष्य के लिए तैयार सप्लाई चेन बनाने में जुटे हैं।



















