आईजोल। मिजोरम की एक अदालत ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के दो जवानों को गैंगरेप और एसिड अटैक के 9 साल पुराने एक जघन्य मामले में ऐतिहासिक सजा सुनाई है। आईजोल जिला अदालत ने दोनों दोषियों को अलग-अलग धाराओं के तहत कुल 42-42 साल के कठोर कारावास (Rigorous Imprisonment) की सजा सुनाई है। यह सभी सजाएं एक के बाद एक (Consecutively) चलेंगी।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिल्वी जोमुआनपुई राल्ते ने 12 जून को दोनों सीमा प्रहरियों—नीलांजन दास और दिनेश कुमार-को दोषी ठहराया था, जिसकी सजा की अवधि (Quantum of Punishment) का एलान मंगलवार को किया गया। दोषी नीलांजन दास पश्चिम बंगाल और दिनेश कुमार उत्तर प्रदेश का रहने वाला है।
अलग-अलग अपराधों के लिए मिली इतनी सजा:
- गैंगरेप के लिए: 20 साल की कठोर कैद।
- गंभीर शारीरिक क्षति पहुँचाने वाले रेप के लिए: 10 साल की कठोर कैद।
- एसिड अटैक (तेजाब हमले) के लिए: 12 साल की कठोर कैद।
- जुर्माना: कोर्ट ने दोनों दोषियों पर इन तीनों मामलों में 60,000-60,000 रुपये (कुल 1.80 लाख रुपये प्रत्येक) का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर हर मामले में दो-दो महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
एक आंख की रोशनी चली गई थी, सहेली की संदिग्ध मौत
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह खौफनाक वारदात 16 जुलाई 2017 की है। पीड़ित महिला अपनी एक सहेली के साथ ममित जिले के सिसुरी वेस्ट गांव में गस्काटा नदी के पास जंगल में केकड़े और जंगली सब्जियां इकट्ठा करने गई थी। इसी दौरान वहां भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनात बीएसएफ कैंप के इन दोनों जवानों ने उन्हें घेर लिया। पीड़िता ने कोर्ट में गवाही दी कि दोनों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और बाद में पहचान छुपाने के इरादे से उसके चेहरे पर तेजाब (ज्वलनशील पदार्थ) उड़ेल दिया। इस बर्बर हमले में महिला का चेहरा बुरी तरह झुलस गया और उसकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई। वारदात के दौरान उसकी सहेली वहां से जान बचाकर भागी थी, लेकिन कुछ दिनों बाद अपराध स्थल के पास ही उसका शव बरामद हुआ था।
हत्या के आरोप से हुए बरी
अदालत ने दोनों जवानों को बलात्कार और एसिड अटैक का दोषी तो माना, लेकिन पीड़िता की सहेली की हत्या के आरोप से बरी कर दिया। जज ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष अदालत में यह साबित करने में विफल रहा कि युवती की मौत के जिम्मेदार यही दोनों आरोपी थे। संदेह का लाभ देते हुए उन्हें हत्या के आरोप से मुक्त किया गया है।
बता दें कि घटना के दो दिन बाद पीड़िता के भाई की शिकायत पर मरपरा थाने में मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था।


















