ब्रेकिंग खबरें

छत्तीसगढ़

सरकारी स्कूलों में मंत्रोच्चार आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती

बिलासपुर। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के स्कूलों में मंत्रोच्चार शुरू किये जाने के आदेश को चुनौती देते हुए छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष ने हाईकोर्ट याचिका दायर की है। इस मामले में अभी सुनवाई की तिथि निर्धारित की जानी है। अब्दुल सलाम रिजवी की ओर से पेश याचिका में कहा गया है कि यह आदेश भारत के संविधान का उल्लंघन करता है। इसके साथ ही यह आरोप लगाया गया है कि सरकार जानबूझ कर हिन्दू मुस्लिम कर रही है, जबकि मुस्लिम और क्रिश्चियन धर्म में भी अच्छी बातें लिखी है, पर सिर्फ हिन्दू धर्म का मंत्रोच्चार स्कूलों में कराया जा रहा है।

 याचिकाकर्ता ने 12 जून 2026 को जारी राज्य सरकार के इस आदेश को रद्द करने की मांग याचिका में की है। एडवोकेट डॉ आमिर खान के माध्यम से पेश याचिका की सुनवाई इसी सप्ताह में होने की संभावना है। याचिका में यह उल्लेख किया गया है कि, संविधान के अनुसार राज्य को धार्मिक तटस्थता बनाए रखने और सभी धर्मों के प्रति समान सम्मान प्रदर्शित करने का दायित्व है। स्कूल शिक्षा विभाग का यह आदेश, विशिष्ट हिंदू धार्मिक प्रार्थनाओं और मंत्रों को अनिवार्य विद्यालयी गतिविधियों के रूप में निर्धारित करके, मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और अन्य समुदायों के छात्रों के साथ भेदभाव करता है और उनकी अंतरात्मा और धर्म की स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है।

What's your reaction?

Related Posts