बिलासपुर। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा एवं जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने बारिश में बिजली व्यवस्था ध्वस्त होने एवं घंटों सुधार नहीं होने को लेकर प्रकाशित खबरों को संज्ञान में लिया है। इस पर जनहित याचिका के रूप में सुनवाई की गई। कोर्ट ने इस संबंध में सेक्रेटरी, एनर्जी डिपार्टमेंट छत्तीसगढ़, कमिश्नर, म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, बिलासपुर, मैनेजिग डायरेक्टर सीएसपीडीसीएल, रायपुर से पर्सनल एफिडेविट में बिजली डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को बनाए रखने और बिलासपुर शहर के निवासियों को बिजली की बिना रुकावट और सही सप्लाई पक्का करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे बताने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही सड़कों, गलियों वगैरह में पानी भरने से बचने के लिए ड्रेनेज सिस्टम की स्थिति की जानकारी मांगी है। कोर्ट ने मामले को सुनवाई हेतु 7 जुलाई को फिर से निर्धारित किया है।
सोमवार की शाम को तेज हवा के साथ बरसात होने के बाद शहर में बिजली सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई। इसमें कलेक्टर बंगला के पास 11 केवी लाइन में पेड़ गिरने से पूरे सिविल लाइन क्षेत्र जज कालोनी सहित आसपास देर रात तक बिजली सप्लाई ठप रही, लोग परेशान रहे। बिजली विभाग का स्टाफ गर्मी में चार माह तक बिजली सप्लाई बंद कर मेनटेंस का काम करते हैं, इसके बावजूद बरसात में स्थिति बिजली विभाग के नियंत्रण में नहीं रहता है। इस संबंध में प्रकाशित खबर को हाईकोर्ट ने आज संज्ञान में लेते हुए बिजली विभाग, निगर निगम बिलासपुर सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कोर्ट ने इस याचिका के साथ बरसात में शहर में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम द्वारा क्या कदम उठाये गए हैं, इस संबंध में भी जानकारी मांगी है।

















