अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित दान गबन मामले को लेकर जांच तेज हो गई है। इस बीच, मामले में कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवालों के बीच विश्व हिंदू परिषद (VHP) के शीर्ष नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। VHP प्रमुख ने कहा कि “बड़ी मछली हो या छोटी, कोई नहीं बचेगा।” उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, चंपत राय के खिलाफ किसी कार्रवाई को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल जांच जारी है और संबंधित एजेंसियां उपलब्ध तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही हैं।
एचटी को दिए इंटरव्यू में आलोक कुमार ने स्वीकार किया कि चंपत राय ‘लापरवाही के दोषी’ हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि परिषद उनके खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई पर विचार करने से पहले जांच के नतीजों का इंतजार करेगी।
VHP पर नहीं है राम मंदिर की जिम्मेदारी
आलोक कुमार ने साफ किया कि राम मंदिर में हुई दान चोरी के लिए विश्व हिंदू परिषद जवाबदेह नहीं है। उन्होंने कहा, “सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने वाले दिन ही मैंने स्पष्ट कर दिया था कि VHP का काम अब खत्म हो गया है। मंदिर का निर्माण और उसका संचालन करना हमारा काम नहीं है।” उन्होंने इस चोरी को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि इस घटना का बचाव करने या बहाना बनाने का कोई सवाल ही नहीं उठता। हम चाहते हैं कि पुलिस और एसआईटी सभी एंगल से इसकी गहन जांच करे।
‘चुनाव के लिए VHP, RSS और PMO को घसीटा जा रहा’
चंपत राय VHP के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं। इस नाते परिषद की नैतिक जिम्मेदारी के सवाल पर आलोक कुमार ने कहा कि VHP ने उन्हें ट्रस्ट के महासचिव पद के लिए नामित नहीं किया था और वह वहां VHP का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर इस मामले में VHP, RSS और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) पर निशाना साधा जा रहा है।
ड्राइवर के पास थीं स्ट्रॉन्ग रूम की चाबियां
आलोक कुमार ने कहा कि अभी तक चंपत राय पर सीधे तौर पर कोई आरोप नहीं लगे हैं, बल्कि आरोप उनके ड्राइवर पर हैं। उन्होंने बताया कि स्ट्रॉन्ग रूम (जहां पैसे रखे थे) की चाबियां ड्राइवर के पास ही थीं। ड्राइवर फिलहाल जेल में है, उससे पैसे भी बरामद कर लिए गए हैं और कानून उसके साथ सख्ती से निपटेगा।
‘लापरवाही के दोषी हो सकते हैं चंपत राय’
जब आलोक कुमार से चंपत राय की भूमिका के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “मैं यह स्वीकार कर रहा हूं कि वह लापरवाही के दोषी हो सकते हैं।” यह पूछे जाने पर कि लापरवाही भी एक अपराध है, तो क्या किसी ‘बड़ी मछली’ को बचाने की कोशिश हो रही है?
इस पर आलोक कुमार ने भरोसा जताया कि ऐसा बिल्कुल नहीं होगा। उन्होंने बताया कि एफआईआर में केवल गिरफ्तार किए गए आठ लोगों तक जांच सीमित न रखकर एक व्यापक जांच का अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा, “मछली चाहे छोटी हो या बड़ी, कोई भी नहीं बचेगा।”
VHP ने की 4 सूत्रीय मांग
विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष के तौर पर आलोक कुमार ने इस मामले में 4 सूत्रीय बयान जारी कर ये प्रमुख मांगें रखी हैं।
- मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए।
- वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जल्द से जल्द इसकी जांच हो।
- फास्ट-ट्रैक कोर्ट में रोजाना मामले की सुनवाई की जाए।
- 4 से 5 महीने के भीतर दोषियों को सजा मिले।
चंपत राय से खुद को अलग क्यों नहीं कर रही VHP?
चंपत राय से वीएचपी के खुद को अलग न करने के सवाल पर आलोक कुमार ने कहा कि परिषद ने खुद इस मामले में सक्रिय रूप से जांच की मांग की है। उन्होंने कहा, “हम जांच के किसी ठोस नतीजे तक पहुंचने का इंतजार करेंगे। जांच में उनकी (चंपत राय की) भूमिका तय होने दें, उसके बाद ही हम इस मामले (कार्रवाई) पर विचार करेंगे।”


















