छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में होने वाली देवकीनंदन ठाकुर की श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं के लिए विशेष शर्त लगाई गई है। जिसके अनुसार, बिना तिलक के किसी को एंट्री नहीं दी जाएगी। यानी ‘नो तिलक, नो एंट्री’. कथा बूढ़ापारा स्थित इंडोर स्टेडियम में 8 से 14 जुलाई तक आयोजित की जाएगी। जिसमें 7 दिनों तक कथा, भजन और विशेष कार्यक्रम होंगे। कथा प्रतिदिन दोपहर 3:30 बजे से शुरू होगी। आयोजन अंतरराष्ट्रीय वैश्य फेडरेशन के तत्वावधान में किया जा रहा है।
कथा में यह रहेगा खास
आयोजकों के मुताबिक, कथा में सबसे खास ‘नो तिलक, नो एंट्री’ रहेगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से कथा स्थल में प्रवेश से पहले तिलक लगाकर आने की अपील की है, ताकि सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के प्रति जागरूकता का संदेश दिया जा सके।
गवर्नर को दिया निमंत्रण
आयोजन से पहले वैश्य फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष योगेश अग्रवाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका से राजभवन में मुलाकात कर उन्हें कथा में शामिल होने का निमंत्रण दिया। प्रदेश महामंत्री एवं प्रवक्ता राजकुमार राठी ने बताया कि राज्यपाल ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए आयोजन की सराहना की।
कथा में कब, क्या ?
कथा के कार्यक्रमों की शुरुआत 8 जुलाई को भव्य कलश यात्रा और भागवत महात्म्य के साथ होगी। 9 जुलाई को भीष्म पितामह, कुंती आगमन और पूतना वध, 10 जुलाई को गोवर्धन पूजा, अन्नकूट उत्सव और छप्पन भोग, 11 जुलाई को वामन अवतार, श्रीराम कथा और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन होगा।
कथा का आस्था चैनल पर सीधा प्रसारण
इसके बाद 12 जुलाई को कृष्ण बाल लीलाएं, माखन चोरी, गोवर्धन पूजन और छप्पन भोग, 13 जुलाई को महारास, सुदामा मिलन, रुक्मिणी विवाह और चिंतक विदाई, जबकि समापन दिवस 14 जुलाई को सुदामा चरित्र, कंस वध और हवन-पूजन के साथ होगा। कथा का सीधा प्रसारण आस्था चैनल और यूट्यूब पर भी किया जाएगा।
राज्यपाल से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल में योगेश अग्रवाल, राजकुमार राठी, शिवरतन गुप्ता, अशोक गुप्ता, मुकेश अग्रवाल, संजय चौधरी, सुभाष साहू, राजीव अवस्थी, सुब्रत घोष, नवीन लोढ़ा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। आयोजकों का कहना है कि सात दिवसीय आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।


















