चेयरमेन सुबोध कुमार सिंह ने टीम को दी बधाई, हॉटलाइन स्ट्रिंगिंग तकनीक से उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति रही निर्बाध
रायपुर, 6 जुलाई। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी (सीएसपीटीसीएल) ने आधुनिक हॉटलाइन स्ट्रिंगिंग तकनीक का उपयोग करते हुए 400 केवी डीसीडीएस ट्रांसमिशन लाइन निर्माण का एक महत्वपूर्ण और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया है। इस तकनीक की विशेषता यह है कि ट्रांसमिशन लाइन का तार खींचने का कार्य बिना बिजली आपूर्ति बंद किए किया जाता है, जिससे उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होती।
यह कार्य 765/400 केवी बिलासपुर पूल (पावरग्रिड, सीपत) सब-स्टेशन से 400/220 केवी धरदेही (जिला मुंगेली) सब-स्टेशन के बीच निर्माणाधीन ट्रांसमिशन लाइन पर किया गया। परियोजना के दौरान नई लाइन को कई पहले से संचालित उच्चदाब विद्युत लाइनों तथा एक रेलवे ट्रैक के ऊपर से ले जाना था, जो तकनीकी दृष्टि से अत्यंत जटिल कार्य माना जाता है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ के चेयरमेन सुबोध कुमार सिंह ने इस उपलब्धि पर ट्रांसमिशन कंपनी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीकों के माध्यम से बिना बिजली आपूर्ति प्रभावित किए परियोजनाओं को पूरा करना कंपनी की तकनीकी क्षमता, दक्षता और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि सामान्यतः ऐसे कार्यों के लिए संबंधित विद्युत लाइनों का शटडाउन लेना आवश्यक होता है, लेकिन मेसर्स एसीबीआईएल, केपीएल और एस्सार प्राइवेट लिमिटेड की लाइनों पर शटडाउन की अनुमति उपलब्ध नहीं हो सकी। ऐसे में कंपनी ने हॉटलाइन स्ट्रिंगिंग तकनीक अपनाते हुए बिना बिजली बंद किए पूरी सुरक्षा के साथ ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण कार्य पूरा किया।
उन्होंने बताया कि 2 जून से 27 जून 2026 के बीच इस तकनीक का उपयोग कर 400 केवी पथाडी–बिलासपुर तथा एसीबीआईएल–बिलासपुर लाइनों सहित एस्सार महान–बिलासपुर लाइन की ओवरहेड क्रॉसिंग सफलतापूर्वक पार की गई। इसके अलावा घुटकु–कलमितर रेलवे स्टेशनों के बीच ओवरहेड रेलवे ट्रैक क्रॉसिंग का कार्य भी सुरक्षित ढंग से संपन्न किया गया।
यह चुनौतीपूर्ण कार्य कार्यपालन अभियंता, ईएचटी (निर्माण), सीएसपीटीसीएल बिलासपुर के मार्गदर्शन में विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों और मेसर्स एल एंड टी की टीम द्वारा सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए पूरा किया गया। इस उपलब्धि में कार्यपालक निदेशक (लाइन) संजय पटेल, मुख्य अभियंता (परियोजना) प्रसन्ना गोसावी, अधीक्षण अभियंता वीवीएस कंवर तथा कार्यपालन अभियंता जीआर जायसवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


















