Who is Krishna Mohan: अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं। इसके साथ ही ट्रस्ट ने वरिष्ठ सदस्य कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंप दी है। यह फैसला तीन घंटे चली अहम बैठक में लिया गया, जिसने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है।
ट्रस्ट की विशेष बैठक सोमवार, 6 जुलाई को अयोध्या में हुई। बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में फैसलों की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि चढ़ावा चोरी का मामला पूरे ट्रस्ट के लिए बेहद पीड़ादायक रहा है और इससे करोड़ों रामभक्तों की भावनाएं भी आहत हुई हैं।
3 घंटे की बैठक में बड़ा फैसला
करीब तीन घंटे चली बैठक के दौरान महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे सर्वसम्मति से मंजूर कर लिए गए। इसके बाद अंतरिम व्यवस्था के तहत ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव नियुक्त किया गया। अब स्थायी महासचिव की नियुक्ति होने तक वही ट्रस्ट के प्रशासनिक और संगठनात्मक कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
आखिर कौन हैं कृष्ण मोहन?
कृष्ण मोहन श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी हैं। वह भारतीय वन सेवा (IFS) के पूर्व अधिकारी रह चुके हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई के रहने वाले कृष्ण मोहन ने लखनऊ विश्वविद्यालय से अपनी पढ़ाई पूरी की। करियर की शुरुआत उन्होंने परमाणु ऊर्जा विभाग में की थी, लेकिन बाद में भारतीय वन सेवा में चयनित हुए और महाराष्ट्र में लंबे समय तक अपनी सेवाएं दीं।
IFS से रिटायरमेंट के बाद RSS से जुड़े
साल 2012 में इंडियन फॉरेस्ट सर्विस से रिटायर होने के बाद कृष्ण मोहन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े और सामाजिक कार्यों में सक्रिय हो गए। सितंबर 2025 में उन्हें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का ट्रस्टी बनाया गया था। उनकी नियुक्ति कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद खाली हुई सीट पर की गई थी।
कृष्ण मोहन की शिकायत पर FIR
कृष्ण मोहन का नाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला उनकी शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। अब उसी विवाद के बीच उन्हें ट्रस्ट की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे साफ संकेत मिलता है कि ट्रस्ट मौजूदा हालात में पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता देना चाहता है।
महासचिव बनते ही दिया बड़ा बयान
कार्यवाहक महासचिव बनने के बाद कृष्ण मोहन ने कहा कि उन्हें स्थायी नियुक्ति होने तक महासचिव का दायित्व निभाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चढ़ावा गबन मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ न्याय के अनुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर ट्रस्ट पूरी मजबूती से अड़ा रहेगा।
‘कमियों को दूर कर लौटाएंगे भरोसा’
कृष्ण मोहन ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से ट्रस्ट के सभी सदस्य और करोड़ों रामभक्त दुखी हैं। उन्होंने माना कि प्रबंधन और संचालन में कुछ कमियां थीं, जिनका कुछ लोगों ने फायदा उठाया। उनका पहला लक्ष्य इन्हीं खामियों को दूर करना और ऐसी व्यवस्था तैयार करना होगा जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस विवाद से ट्रस्ट की सार्वजनिक छवि प्रभावित हुई है और समाज में अविश्वास का माहौल बना है। कृष्ण मोहन ने कहा कि ट्रस्ट हर आवश्यक कदम उठाएगा ताकि लोगों का भरोसा फिर से मजबूत हो और राम मंदिर की व्यवस्था पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ सके।


















