रायपुर। कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने छत्तीसगढ़ में संगठनात्मक चुनाव की घोषणा कर दी है। नए चुनावी ढांचे के तहत राज्य के सरकारी, निजी और अन्य मान्यता प्राप्त कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में पहले चरण में कैंपस अध्यक्षों का चुनाव कराया जाएगा। NSUI ने चुनाव प्रक्रिया को दो चरणों में आयोजित करने का फैसला किया है। पहले चरण में कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर कैंपस अध्यक्ष चुने जाएंगे। इसके बाद दूसरे चरण में जिला और प्रदेश स्तर के संगठनात्मक चुनाव होंगे, जिनमें केवल निर्वाचित कैंपस अध्यक्ष ही उम्मीदवार बन सकेंगे और मतदान का अधिकार भी उन्हीं के पास होगा।
चुनाव के बाद प्रत्येक कॉलेज और विश्वविद्यालय में 11 सदस्यीय कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। संगठन के अन्य पदों पर नियुक्तियां NSUI की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाएंगी। NSUI ने स्पष्ट किया है कि संगठन की सदस्यता केवल मान्यता प्राप्त कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों को ही मिलेगी। 16 से 27 वर्ष आयु वर्ग के छात्र चुनाव लड़ सकेंगे। सदस्यता शुल्क 45 रुपये निर्धारित किया गया है, जो तीन वर्ष के लिए मान्य होगा।
कैंपस अध्यक्ष चुनेंगे छात्र
पहले चरण में छात्र-छात्राएं केवल कैंपस अध्यक्ष के लिए मतदान करेंगे। कैंपस अध्यक्ष के चुनाव के बाद उसी कॉलेज या यूनिवर्सिटी की 11 सदस्यीय कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। इसके अलग-अलग पद संगठन की तय प्रक्रिया के अनुसार भरे जाएंगे।
16 से 27 साल के युवा लड़ सकेंगे चुनाव
NSUI ने चुनाव लड़ने के लिए आयु सीमा 16 से 27 वर्ष तय की है। सदस्यता केवल मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से दी जाएगी। संगठन ने सदस्यता शुल्क तीन साल के लिए 45 रुपए निर्धारित किया है।
दूसरे चरण में होंगे जिला और प्रदेश चुनाव
जिला और प्रदेश स्तर के चुनाव में केवल वही उम्मीदवार हिस्सा ले सकेंगे, जो अपने कॉलेज या यूनिवर्सिटी के कैंपस अध्यक्ष चुने जाएंगे। मतदान का अधिकार भी केवल निर्वाचित कैंपस अध्यक्षों को मिलेगा।
स्क्रूटनी और इंटरव्यू के बाद होगा चयन
चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों के दस्तावेजों और पात्रता की जांच की जाएगी। इसके बाद इंटरव्यू होगा। इसी प्रक्रिया के आधार पर जिला और प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों का अंतिम चयन किया जाएगा।
कैंपस से तैयार होगी नई नेतृत्व टीम
NSUI का कहना है कि नई चुनाव व्यवस्था का उद्देश्य छात्र राजनीति को फिर से कैंपस से जोड़ना है। संगठन का मानना है कि इससे कॉलेज और यूनिवर्सिटी में सक्रिय छात्रों को नेतृत्व का अवसर मिलेगा और भविष्य के संगठनात्मक नेतृत्व की नई टीम तैयार होगी।


















