रायपुर। फर्जी अंकसूची के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने के मामले में राज्य जीएसटी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। विभागीय जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद जीएसटी आयुक्त पुष्पेंद्र मीणा ने किशोर पटेल और भागवत पटेल को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने के आदेश जारी किए हैं।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2013 में भृत्य (चपरासी) पद पर भर्ती के दौरान दोनों अभ्यर्थियों ने कक्षा आठवीं की ऐसी अंकसूचियां प्रस्तुत की थीं, जिनमें 96 प्रतिशत से अधिक अंक दर्शाए गए थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर दोनों का चयन हुआ था। बाद में दोनों कर्मचारियों को पदोन्नत कर सहायक ग्रेड-3 के पद पर नियुक्त किया गया।
मामला तब सामने आया जब शिकायतकर्ताओं ने संबंधित विद्यालय के परीक्षा परिणाम रजिस्टर के आधार पर दोनों की अंकसूचियों की सत्यता पर सवाल उठाए। इसके बाद विभाग ने दस्तावेजों का सत्यापन कराया। प्रारंभिक जांच में अंकसूचियों को सही बताया गया, लेकिन मामला विधानसभा में उठने के बाद जांच दोबारा तेज की गई।
सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त दस्तावेजों में यह आरोप भी सामने आया कि समतुल्यता परीक्षा में अनुपस्थित परीक्षार्थियों के रोल नंबर का उपयोग कर फर्जी अंकसूचियां तैयार की गई थीं। विस्तृत विभागीय जांच में आरोप सही पाए जाने पर जीएसटी आयुक्त ने दोनों कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के आदेश जारी किए। विभाग का कहना है कि सरकारी भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की फर्जीवाड़े को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


















