रायपुर। राजधानी रायपुर के सरोना स्थित आरडीए की इंद्रप्रस्थ फेस-2 कॉलोनी में एक ही परिसर के लिए दो अलग-अलग आवासीय समितियों के गठन को लेकर विवाद गहरा गया है। रहवासियों का आरोप है कि बिना समुचित सर्वे किए उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं कार्यालय द्वारा दो समितियों का पंजीयन कर दिया गया, जिससे कॉलोनी में असमंजस और विवाद की स्थिति बन गई है।
मामले को लेकर कॉलोनी के रहवासियों ने आरडीए के अध्यक्ष और मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के नाम ज्ञापन सौंपकर दो समितियों के गठन पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि एक ही परिसर में दो समितियां मान्य नहीं हो सकतीं। यदि अलग-अलग समितियों के चुनाव कराए जाते हैं तो कॉलोनी की साझा सुविधाओं का विभाजन करना पड़ेगा। ऐसी स्थिति में आरडीए कॉलोनी के बीच बाउंड्रीवॉल या तारबंदी कर दोनों हिस्सों को अलग करे।
ज्ञापन देने वालों में अनीता साहनी, प्रियंका वर्मा, प्रवीण गुप्ता, सुशांत पांडे, ममता विश्वकर्मा, रुचि मिश्रा, मनोहर साहू, दिलीप निवावे, गरिमा वर्मा, दिनेश वाधवानी, मोहन और राजू सारथी सहित कई रहवासी शामिल रहे।
रहवासियों ने बताया कि इंद्रप्रस्थ फेस-2 में एलआईजी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के फ्लैट हैं, लेकिन पूरी कॉलोनी के लिए सड़क, पार्क, गेट, जलापूर्ति, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाएं आरडीए द्वारा एकीकृत रूप से विकसित की गई हैं। ऐसे में दो अलग-अलग समितियों का गठन व्यावहारिक नहीं है।
इस संबंध में रहवासियों ने उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं कार्यालय पहुंचकर दोबारा आवेदन सौंपते हुए सर्वे रिपोर्ट की जानकारी भी मांगी। इस पर उप पंजीयक ने जांच पूरी करने के लिए 15 दिन का समय मांगा।
उप पंजीयक पूर्णिमा सिंह ने स्पष्ट किया कि फिलहाल इंद्रप्रस्थ फेस-2 की किसी भी समिति का चुनाव नहीं कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि रहवासियों के आवेदन और सर्वे रिपोर्ट के आधार पर पहले यह तय किया जाएगा कि दो समितियों का गठन उचित है या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।


















