रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार चार दिनों तक अच्छी बारिश कराने वाला निम्न दबाव का क्षेत्र अब कमजोर पड़ गया है। इसके चलते प्रदेश में अगले करीब एक सप्ताह तक मूसलाधार बारिश की संभावना कम नजर आ रही है। मौसम में बदलाव के साथ तापमान भी धीरे-धीरे बढ़ने लगा है।
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को प्रदेश के केवल कुछ सीमित इलाकों में ही वर्षा दर्ज की गई, जबकि राजधानी रायपुर सहित कई स्थानों पर दिनभर बादल छाए रहने के बावजूद बारिश नहीं हुई। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां बेहद कम रहीं।
हालांकि, हालिया सक्रिय सिस्टम के कारण राज्य में मानसून की कमी काफी हद तक पूरी हो गई है। मंगलवार सुबह तक प्रदेश में औसतन 235.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी थी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे इंतजार के बाद बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र कई दिनों तक सक्रिय रहा, जिससे छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश हुई और मानसून को मजबूती मिली।
फिलहाल यह निम्न दबाव का क्षेत्र पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में स्थित है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश की ओर जाने और धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से बांग्लादेश तक उत्तर छत्तीसगढ़ होते हुए एक मौसमी द्रोणिका (ट्रफ) बनी हुई है। वहीं उत्तर-पूर्व अरब सागर से बांग्लादेश तक भी एक अन्य द्रोणिका उत्तर छत्तीसगढ़ के ऊपर से गुजर रही है।
आज का पूर्वानुमान
बुधवार को प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं अधिकतम तापमान, जो कई क्षेत्रों में 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, उसमें और वृद्धि होने के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई के दूसरे सप्ताह में बंगाल की खाड़ी में यदि नया मौसम तंत्र विकसित होता है, तभी प्रदेश में फिर से व्यापक और अच्छी बारिश की संभावना बन सकती है।


















