रायपुर। छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रदेशभर में लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं, जबकि कई शहरों और ग्रामीण इलाकों में जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राजधानी रायपुर में बुधवार सुबह से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। तापमान में गिरावट से गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन निचले इलाकों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक पूरे प्रदेश में तेज बारिश की चेतावनी देते हुए कई जिलों के लिए ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है।
पिछले 24 घंटे के दौरान
बिलासपुर संभाग के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश हुई। रायगढ़ जिले में सबसे अधिक 13 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा पेंड्रा में 12 सेंटीमीटर, पुसौर और तमनार में 10-10 सेंटीमीटर तथा बरपाली में 9 सेंटीमीटर बारिश हुई। सारंगढ़, रामचंद्रपुर, मालखरौदा, कुटरू, अकलतरा, बम्हनीडीह, धाभरा, बलौदा और दौरा-कोचली में 7-7 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं सरसींवा, दर्री, खरसिया, मस्तूरी, वाड्रफनगर, लटोरी, नवागढ़, छिंदगढ़, कापू और अमलीपदर में 6-6 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
लगातार बारिश का सबसे अधिक असर धमतरी जिले में देखने को मिल रहा है। भारी वर्षा से कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। प्रशासन ने संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा है और राहत एवं बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं।
राजधानी रायपुर में बुधवार को दिनभर बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ कई दौर की बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार शहर का अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में एक साथ कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। मानसून द्रोणिका श्रीगंगानगर से लेकर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक विस्तारित है। वहीं उत्तर-पूर्व मध्यप्रदेश तथा पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी से उत्तर-पूर्व अरब सागर तक छत्तीसगढ़ होते हुए एक द्रोणिका भी सक्रिय है। इन्हीं प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेशभर में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर भारी वर्षा के साथ वज्रपात की भी चेतावनी दी है।
मौसम विभाग ने बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर सहित 24 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।
इसके अलावा सुकमा, महासमुंद, कबीरधाम, मुंगेली सहित 23 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। बारिश के लगातार बढ़ते असर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के पास नहीं जाने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले पांच दिन प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेंगे और कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की स्थिति बन सकती है।


















