कांवड़ मेले में आस्था के सैलाब का नया रिकॉर्ड कायम हुआ है। मेला अवधि के 13 दिनों में चार करोड़ 80 लाख 40 हजार कांवड़िए हरकी पैड़ी समेत विभिन्न घाटों से गंगा जल लेकर अपने गंतव्यों को रवाना हुए। कांवड़ यात्रा के पिछले 40 साल में पहली दफा इतनी बड़ी संख्या में शिवक्त गंगा जल लेने पहुंचे। जबकि पिछले साल 4.52 करोड़ शिवभक्त हरिद्वार से गंगा जल लेकर गए थे। शिवभक्तों की भारी भीड़ के चलते विभिन्न घाटों में 7000 हजार मीट्रिक टन कचरा भी जमा हुआ। नगर निगम की टीम लगातार सफाई में जुटी है। अभी तक 5500 मीट्रिक टन से अधिक कचरा साफ किया जा चुका है।
कांवड़ मेले के दौरान हरिद्वार में लगातार बढ़ती शिवभक्तों की भीड़ ने पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी रही। देश के विभिन्न राज्यों से शिवभक्त कांवड़ लेने हरिद्वार पहुंचे। शिवभक्तों ने गंगा स्नान के बाद हरकी पैड़ी से पवित्र गंगाजल उठाया। मंगलवार को शिवभक्तों ने अपने क्षेत्र के शिवालयों में जलाभिषेक किया।
इस साल कांवड़ियों का आंकड़ा 4 करोड़ 80 लाख से अधिक
कांवड़ मेले में शिवभक्तों की बढ़ती संख्या के साथ शहरी सड़कों और हाईवे पर आस्था का सैलाब नजर आया। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में कांवड़ मेले के दौरान करीब चार करोड़ 52 लाख कांवड़िए हरिद्वार पहुंचे थे। लेकिन इस बार यह आंकड़ा बढ़कर चार करोड़ 80 लाख 40 हजार से हो गया है।
पिछले साल से 28 लाख अधिक कांवड़िए पहुंचे
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में करीब 28 लाख से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज हुई। कांवड़ मेले में हर साल शिवभक्तों की संख्या बढ़ रही है। बढ़ती आस्था के बीच पुलिस प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, यातायात और कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए थे।
कांवड़ियों जी बड़ी भीड़ के बावजूद पुलिस और प्रशासन ने कांवड़ मेले का सफल आयोजन किया। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि 13 दिनों में 4.80 करोड़ शिवभक्तों ने हरिद्वार से गंगा लेकर प्रस्थान किया। कांवड़ मेला अवधि में पुलिस फोर्स ड्यूटी पर डटी रही। पुलिस और प्रशासन के संयुक्त प्रयास से कांवड़ मेले का सफल आयोजन हुआ।
कांवड़ मेला प्रशासन की ओर से जारी कांवड़ियों की वर्षवार संख्या
1986 -चार लाख
1990- 10 लाख
1995 -50 लाख
2000 -एक करोड़
2018 -3.76 करोड़
2019 -करीब 3.50 करोड़
2020 – 21 मेला स्थगित
2022-3.80 करोड़
2023 -करीब 4 करोड़
2024 -4.14 करोड़
2025 -4.52 करोड़
2026 -4.80 करोड़
1500 मीट्रिक टन कूड़ा छोड़ गए कांवड़िए
कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में हरिद्वार पहुंचे शिवभक्तों की भारी भीड़ के चलते शहर में बड़ी मात्रा में कूड़ा जमा हो गया। यात्रा के अंतिम दो दिनों में वाहनों का दबाव इतना अधिक रहा कि नगर निगम के छोटे-बड़े वाहन कांवड़ मेला क्षेत्र में कूड़ा उठाने के लिए प्रवेश नहीं कर सके। सोमवार देर रात कांवड़ियों की भीड़ कम होने के बाद नगर निगम की टीम ने घाटों और अन्य क्षेत्रों में सफाई अभियान शुरू किया। नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कांवड़ मेला क्षेत्र से दो दिन का जमा करीब 15 मीट्रिक टन कूड़ा नगर निगम की टीम ने उठाया।
यात्रा के शुरुआती चरण से ही नगर निगम की टीमें गंगा घाटों, कांवड़ पटरी और मेला क्षेत्र से नियमित रूप से कूड़ा उठाती रहीं। हालांकि अंतिम दो दिनों में अत्यधिक भीड़ के कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई। नगर आयुक्त नंदन कुमार ने बताया कि सोमवार देर रात से सफाई अभियान में तेजी लाई गई। हरकी पैड़ी से लेकर सभी गंगा घाटों और कांवड़ पटरी से दो दिनों में करीब 1500 मीट्रिक टन कूड़ा उठाया गया। निगम की टीमें लगातार सफाई में जुटी हैं। उन्होंने बताया कि 30 जुलाई से आठ अगस्त तक करीब 5500 मीट्रिक टन कूड़ा नगर निगम की टीम द्वारा उठाया गया था।


















