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90 हजार अवैध नल कनेक्शन का अनुमान, 25 दिन में 100 आवेदन भी नहीं

रायपुर। राजधानी में करीब 90 हजार अवैध नल कनेक्शन होने का अनुमान है, लेकिन इन्हें वैध कराने के लिए नगर निगम की ओर से चलाए जा रहे नियमितीकरण अभियान को अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। 15 जुलाई से शुरू हुए अभियान के 25 दिन बीतने के बाद भी निगम के पास 100 आवेदन तक नहीं पहुंचे हैं। अभियान 15 अक्टूबर तक चलना था, लेकिन अब निगम ने इसकी समय-सीमा हटा दी है। लोग अब जोन कार्यालयों में कभी भी आवेदन कर निर्धारित शुल्क जमा कर नल कनेक्शन नियमित करा सकते हैं।

नगर निगम का उद्देश्य अवैध कनेक्शनों को वैध कर नियमित जलकर राजस्व बढ़ाने के साथ शहर में मौजूद कुल वैध नल कनेक्शनों का सही रिकॉर्ड तैयार करना है। निगम का मानना है कि गर्मी के दौरान पेयजल संकट से निपटने के लिए यह रिकॉर्ड तकनीकी और प्रशासनिक योजना बनाने में मददगार होगा। हालांकि, अभियान की धीमी गति ने निगम की तैयारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

90 हजार अवैध कनेक्शन का अनुमान

नगर निगम के अनुसार शहर में करीब 90 हजार अवैध नल कनेक्शन होने का अनुमान है। इसके मुकाबले नियमितीकरण के लिए 25 दिनों में करीब 100 आवेदन ही आना बताता है कि बड़ी संख्या में लोग अभी भी अपने कनेक्शन को वैध कराने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। यदि आवेदन की रफ्तार इसी तरह धीमी रही तो बड़ी संख्या में अवैध कनेक्शनों को वैध कराने का निगम का लक्ष्य पूरा करना मुश्किल होगा। निगम ने अब लोगों को अभियान के प्रति जागरूक करने और आवेदन के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं।

आवासीय कनेक्शन के लिए 5 हजार शुल्क

अवैध आवासीय नल कनेक्शन को वैध कराने के लिए 5 हजार रुपये नियमितीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके साथ नए नल कनेक्शन के लिए निर्धारित शुल्क भी जमा करना होगा। वहीं, अवैध व्यावसायिक कनेक्शन को वैध कराने के लिए 15 हजार रुपये नियमितीकरण शुल्क तय किया गया है। व्यावसायिक श्रेणी में आधा इंच के कनेक्शन को नियमित किया जाएगा।

पार्षदों को दिया गया प्रारूप

नियमितीकरण के लिए आवेदन का प्रारूप नगर निगम की ओर से पार्षदों को उपलब्ध कराया गया है। लोग संबंधित पार्षदों के माध्यम से प्रारूप प्राप्त कर सकते हैं और आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित जोन कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं।

अभियान की समय-सीमा हटाई

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार अभियान की निर्धारित समय-सीमा अब हटा दी गई है। यानी लोग केवल अभियान की अवधि का इंतजार किए बिना किसी भी समय संबंधित जोन कार्यालय में आवेदन और निर्धारित शुल्क जमा कर नल कनेक्शन वैध करा सकते हैं। नगर निगम के कार्यपालन अभियंता अंशुल शर्मा ने बताया कि अभी तक करीब 100 आवेदन आए हैं। उन्होंने कहा कि अभियान में तेजी लाने के लिए टीम को लोगों को नियमितीकरण के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं।

निगम की स्थिति एक नजर में

•            अनुमानित अवैध नल कनेक्शन: 90 हजार

•            वैध नल कनेक्शन: 2.21 लाख

•            पानी की टंकियां: 46

•            निगम की कुल संपत्तियां: 3.60 लाख

•            पानी सप्लाई क्षमता: 310 एमएलडी

•            आवासीय कनेक्शन नियमितीकरण शुल्क: 5 हजार रुपये

•            व्यावसायिक कनेक्शन नियमितीकरण शुल्क: 15 हजार रुपये

सवाल: 90 हजार कनेक्शन, आवेदन सिर्फ 100 के करीब क्यों?

नगर निगम के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि जब शहर में करीब 90 हजार अवैध नल कनेक्शन होने का अनुमान है, तो नियमितीकरण अभियान में लोगों की भागीदारी इतनी कम क्यों है। शुल्क की राशि, प्रक्रिया की जानकारी का अभाव या कार्रवाई को लेकर लोगों में किसी तरह की चिंता इनमें से वास्तविक कारण क्या है, इसे समझना भी निगम के लिए जरूरी है। सिर्फ अभियान चलाने के बजाय लोगों तक जानकारी पहुंचाकर उन्हें नियमितीकरण के फायदे बताने और प्रक्रिया को आसान बनाने पर जोर देना होगा।

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