ट्रक में लगने वाला सेंसर अब सड़क पर चलने वाले साइकिल सवारों की जान बजाएगा. सरकार सभी प्रकार के व्यावसायिक वाहनों में ब्लाइंड स्पॉट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (बीएसआईएस) लगाना अनिवार्य करने जा रही है. सरकार का दावा है कि यह तकनीक साइकिल सवारों को ट्रक के नीचे कुचलने से बचाने में मददगार साबित होगी.
सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रायल ने छह नवंबर को साइकिल सवार की पहचान करने वाले बीएसआईएस तकनीक संबंधी अंतिम प्रारूप जारी कर दिया है. पांच दिसंबर तक हितधारकों से प्रारूप पर सुझाव-आपत्ति मिलने के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा. इसके पश्चात वाहन निर्माताओं को व्यावसायिक वाहनों में जरूरी बदलाव करने के साथ उक्त तकनीक को लगाना अनिवार्य होगा.
परिवहन क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि कई कंपनियों प्रीमियम मॉडल की कारों में बीएसआईएस उपलब्ध कराती हैं. मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि व्यावसायिक वाहनों में रियर व्यू मिरर की संख्या व अन्य उपाय लागू करने के बावजूद देश में सड़क हादसों में साइकिल सवारों की मौत-घायलों की संख्या बढ़ती जा रही है. इसके मद्दनेजर मंत्रायल ने सभी प्रकार के व्यावसायिक वाहनों में बीएसआईएस लगाने का फैसला किया है.
अधिकारी ने बताया कि चलते हुए ट्रक बाएं ओर मोड़ने पर चालक को नहीं दिखने के कारण ब्लाइंड स्पॉट बनता है. इससे ट्रक की टक्कर से साइकिल सवार दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है. बीएसआईएस में लगे सेंसर ट्रक चालक को 4.5 मीटर से 9 मीटर पहले साइकिल सवार के बारे में अलर्ट भेज देगा. इसके अलावा खराब मौसम, बारिश व कोहरे में भी यह डिवाइस ट्रक चालक को अलर्ट भेजने में सक्षम होगा.
प्रमाण पत्र जारी होगा
केंद्रीय एजेंसी से वाहन निर्माता को बीएसआईएस की जांच करानी होगी. इसके पश्चात एजेंसी की ओर से प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा. प्रवर्तन अधिकारी को यह दस्तावेज दिखाना जरूरी होगी. ऐसा नहीं करने पर वाहन का चालान काट जाएगा.
क्या है बीएसआईएस
इसमें लगे राडार सेंसर और लघु डिजिटल कैमरे कई प्रकार की अकृति, ठोस वस्तुओं की स्थिति और गति की निगरानी आदि कार्य आसानी से कर सकते हैं. वाहन के रास्ते में बहुत छोटी, अधिक जटिल, चलती वस्तुओं को ड्राइवर को चेतावनी देता है.



















