10 अक्टूबर 2026 को शनिवार के दिन अमावस्या पड़ रही है। खास बात यह है कि इसी दिन सर्वपितृ अमावस्या भी रहेगी। यानी इस बार पितृ पक्ष का समापन शनि अमावस्या के साथ होगा। शनिवार और अमावस्या का संयोग होने से इस दिन का महत्व और बढ़ गया है। ज्योतिष में शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित माना जाता है। वहीं अमावस्या पर पितरों का तर्पण और श्राद्ध करने की परंपरा है। ऐसे में 10 अक्टूबर को शनि देव की पूजा के साथ पितरों का स्मरण करना शुभ माना जा रहा है। मान्यता है कि इस दिन जरूरतमंदों की मदद और दान-पुण्य करने से शनि से जुड़े दोषों में राहत मिल सकती है। इस दिन कुछ राशियों के लिए ग्रहों की स्थिति अच्छे संकेत दे सकती है। नौकरी, कारोबार और आर्थिक मामलों में राहत मिल सकती है। पुराने काम पूरे होने के रास्ते खुल सकते हैं।
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए शनि अमावस्या का दिन कामकाज के लिहाज से ठीक रहेगा। लंबे समय से अटका कोई काम आगे बढ़ सकता है। नौकरी में जिम्मेदारी बढ़ सकती है। मेहनत का परिणाम मिलने की उम्मीद है। आर्थिक मामलों में भी धीरे-धीरे स्थिति बेहतर हो सकती है।
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों को धन से जुड़े मामलों में फायदा मिल सकता है। पुराना भुगतान मिलने के योग बन रहे हैं। कारोबारियों को किसी पुराने संपर्क से लाभ मिल सकता है। परिवार में भी माहौल अच्छा रहेगा। इस दिन पितरों का स्मरण करना आपके लिए शुभ रहेगा।
तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए नौकरी और कारोबार से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव हो सकता है। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की तारीफ हो सकती है। किसी पुराने विवाद का समाधान निकल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत करने का मौका मिलेगा।
मकर राशि
मकर राशि वालों पर शनि की विशेष कृपा मानी जाती है। ऐसे में शनि अमावस्या का दिन आपके लिए खास रह सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। कारोबार में रुका काम फिर शुरू हो सकता है। मेहनत से जुड़े कामों में सफलता मिलने के संकेत हैं।
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के लिए भी यह दिन राहत देने वाला हो सकता है। नौकरी में काम का दबाव कम हो सकता है। आर्थिक मामलों में कोई अच्छी खबर मिल सकती है। कारोबार में नए अवसर सामने आ सकते हैं। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह आपके काम आ सकती है।
शनि अमावस्या पर क्या करें
10 अक्टूबर को सुबह स्नान के बाद शनि देव की पूजा करें। जरूरतमंद व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार दान करें। काले तिल, उड़द या तेल का दान करना शुभ माना जाता है। इस दिन पितरों का तर्पण और उनके नाम से दान-पुण्य भी किया जा सकता है। मान्यता है कि इससे पितरों का आशीर्वाद मिलता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
शनि अमावस्या का यह संयोग इसलिए भी खास है क्योंकि इस दिन पितृ पक्ष का समापन होगा। ऐसे में शनि देव की पूजा और पितरों का स्मरण, दोनों का महत्व रहेगा।


















