16 अप्रैल 2024 के ऐतिहासिक एंटी-नक्सल ऑपरेशन के हीरो रहे इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट और रामेश्वर देशमुख को मिला देश का प्रतिष्ठित वीरता पुरस्कार
नई दिल्ली / कांकेर। छत्तीसगढ़ पुलिस के नाम आज एक और बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि दर्ज हो गई, जिससे पूरे प्रदेश और पुलिस महकमे का मान देश भर में बढ़ गया है। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित ‘रक्षा अलंकरण समारोह-1’ में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छत्तीसगढ़ पुलिस के दो जांबाज अधिकारियों- इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट और इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख-को देश के प्रतिष्ठित वीरता पुरस्कार ‘शौर्य चक्र’ से सम्मानित किया।
दोनों अधिकारियों को यह सम्मान बस्तर संभाग के अत्यंत संवेदनशील और नक्सल प्रभावित इलाकों में अदम्य साहस, रणनीतिक कौशल और उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए दिया गया है।

200 जवानों की बचाई जान, 3 घंटे चली थी भीषण मुठभेड़
यह सम्मान 16 अप्रैल 2024 को कांकेर जिले में हुए एक बड़े एंटी-नक्सल अभियान के लिए दिया गया है। इस अभियान के दौरान नक्सलियों ने घात लगाकर सुरक्षाबलों पर हमला कर दिया था, जिससे लगभग 200 जवानों की सुरक्षा दांव पर लग गई थी।
ऐसी चुनौतीपूर्ण और विषम परिस्थितियों में इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट और इंस्पेक्टर रामेश्वर देशमुख ने तुरंत मोर्चा संभाला। दोनों अधिकारियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए करीब तीन घंटे से अधिक समय तक चली भीषण मुठभेड़ का नेतृत्व किया। इस दौरान चार जवान घायल भी हुए, लेकिन दोनों वीरों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए घायल साथियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस सफल कार्रवाई में कई नक्सली मारे गए थे, जिसे छत्तीसगढ़ के इतिहास के सबसे बड़े और सफल एंटी-नक्सल अभियानों में से एक माना जाता है।
कांकेर पुलिस और बस्तर अंचल के लिए गौरव का क्षण
राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस गौरवपूर्ण स्वीकृति के बाद दोनों अधिकारियों के परिवारों के साथ-साथ पूरे पुलिस विभाग में खुशी की लहर दौड़ गई है। बधाई देने के लिए लोगों का तांता लगा हुआ है। इसे न केवल कांकेर पुलिस बल्कि संपूर्ण बस्तर और छत्तीसगढ़ पुलिस परिवार के लिए एक ऐतिहासिक और गर्व का विषय माना जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक का संदेश:
उत्तर बस्तर कांकेर के पुलिस अधीक्षक (IPS) निखिल राखेचा ने दोनों वीर अधिकारियों को इस विशिष्ट उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी। उन्होंने अपने संदेश में कहा—
“शौर्य चक्र जैसे सर्वोच्च वीरता सम्मानों में से एक का मिलना संपूर्ण कांकेर जिला, बस्तर अंचल और छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए गौरव का विषय है। लक्ष्मण केवट और रामेश्वर देशमुख का साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण हमारी पुलिस बल की उत्कृष्ट परंपराओं का प्रतीक है। उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।”
कठिन मोर्चों पर हमेशा रहे आगे
लक्ष्मण केवट और रामेश्वर प्रसाद देशमुख बस्तर संभाग के कठिन भौगोलिक और चुनौतीपूर्ण सुरक्षा वातावरण वाले क्षेत्रों में लंबे समय से तैनात रहे हैं। विषम परिस्थितियों में भी उनके रणनीतिक कौशल और सटीक नेतृत्व ने सुरक्षा बलों को नक्सल उन्मूलन के मोर्चे पर कई बड़ी सफलताएं दिलाई हैं। राष्ट्रपति के हाथों मिला यह सम्मान उनके इसी अदम्य साहस और देश सेवा के प्रति उनके समर्पण पर मुहर लगाता है।



















