भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट में 250 टन लोहा चोरी के बहुचर्चित मामले की जांच में अब एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह सिर्फ लोहा ही नहीं, बल्कि प्लांट से सिंटर भी चोरी कर रहा था। यह चोरी भी पूरी प्लानिंग के साथ उसी नेटवर्क के जरिए की जाती थी, जिससे लोहा बाहर निकाला जाता था। सिंटर चोरी के पूरे खेल का खुलासा लोडर मशीन ऑपरेटर हेमंत देवांगन ने पूछताछ में किया है। पुलिस के मुताबिक इस मामले में अब तक हेमंत समेत 16 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अधिकारियों का अनुमान है कि अब तक करीब 5 करोड़ रुपए कीमत का सिंटर चोरी हो चुका है। जांच में पता चला कि एसपी-2 (सिंटर प्लांट) में काम केवल दिन के समय होता है। इसका फायदा उठाकर गिरोह रात में सिंटर चोरी करता था।
हेमंत देवांगन रात में लोडर मशीन से सिंटर हाईवा में भरता था। इसके बाद हाईवा के जरिए सिंटर को प्लांट के भीतर फ्लू डस्ट वाले इलाके में डंप कर दिया जाता था। अगले दिन उसी सिंटर को डस्ट में छिपाकर ट्रकों के जरिए प्लांट से बाहर निकाल दिया जाता था। अधिकारियों के अनुसार गिरोह एक तय आकार (साइज) का ही सिंटर चोरी करता था, क्योंकि बाजार में उसी की सबसे ज्यादा मांग थी। पुलिस का कहना है कि लेनदेन के सबूत और कॉल रिकॉर्ड मिलने के बाद हेमंत देवांगन को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक मामले में अर्पित, हिमांशु खंडेलवाल, अभय सिंह, मोहम्मद सलीम और विजेंद्र अब भी फरार हैं।

















