रायपुर। सोशल मीडिया, विशेषकर इंस्टाग्राम पर 1 अगस्त से घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू किए जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ ने इस दावे को पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन बताते हुए इसका खंडन किया है।
पावर कंपनी की ओर से जारी विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि आम घरेलू, व्यावसायिक और अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू नहीं की जा रही है। वर्तमान में ऐसी कोई योजना लागू नहीं है।
कंपनी ने बताया कि प्रीपेड बिजली व्यवस्था केवल सरकारी विभागों के बिजली कनेक्शनों पर लागू करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। इसे आम उपभोक्ताओं पर लागू किए जाने संबंधी सोशल मीडिया पर प्रसारित दावे पूरी तरह गलत हैं।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ के उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) द्वारा जारी विज्ञप्ति में नागरिकों से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें। बिजली से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए केवल विभाग के अधिकृत और आधिकारिक स्रोतों से जारी सूचना पर ही भरोसा करें।
पावर कंपनी ने लोगों से अफवाहों से बचने और किसी भी सूचना की पुष्टि आधिकारिक माध्यमों से करने की सलाह दी है, ताकि भ्रामक जानकारी के कारण अनावश्यक भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।


















