छत्तीसगढ़ के छात्रों के लिए नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से जुड़ी अहम खबर सामने आ रही है। प्रदेश के महाविद्यालयों में पढ़ाई व्यवस्था और अनुशासन को बेहतर बनाने के लिए कई बदलाव किए जा सकते हैं। नए सत्र में कुछ नए नियम लागू होने के साथ ही पुराने नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए भी निर्देश जारी किए जाने की तैयारी है। नई व्यवस्था के तहत छात्रों की नियमित उपस्थिति, समय पर कक्षाओं में भागीदारी और शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रियता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कॉलेजों में अनुशासन बनाए रखने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से प्रशासन की ओर से निगरानी बढ़ाई जा सकती है।
उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किया कलेंडर
दरअसल उच्च शिक्षा विभाग ने ऐसा एकेडमिक कैलेंडर जारी किया है, जिसमें नियमित उपस्थिति, समयबद्ध कक्षाएं और सतत मूल्यांकन पर विशेष जोर दिया गया है. से निर्देश कालेजों में शैक्षणिक वातावरण और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से दिए गए हैं. अब किसी भी छात्र की उपस्थिति अगर 75 प्रतिशत से कम होगी तो सीधे उसके अभिभावकों से संपर्क किया जाएगा.
शैक्षणिक संवाद को मजबूत करना उद्देश्य
विभाग का उद्देश्य केवल अनुशासन लागू करना नहीं बल्कि विद्यार्थियों और परिवार के बीच शैक्षणिक संवाद को मजबूत करना भी है. नए कैलेंडर के अनुसार कॉलेजों को प्रतिदिन न्यूनतम सात घंटे संचालित करना होगा तथा प्रत्येक पीरियड की अवधि एक घंटे निर्धारित की गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह व्यवस्था परीक्षा के समय अचानक बढ़ने वाले दबाव को भी कम करेगी.
कॉलेजों को निर्देश जारी
अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी बिलासपुर के सहायक कुल सचिव (परीक्षा) ने यह निर्देश कॉलेजों को जारी किए हैं. इसमें बताया है कि मुख्य परीक्षा में वही छात्र शामिल हो सकेंगे जिनकी उपस्थित 75 प्रतिशत या उससे अधिक होगी. कम उपस्थिति वाले छात्रों के आवेदन मंजूर नहीं किए जाएंगे.


















