रायपुर। प्रदेश में नया शिक्षा सत्र मंगलवार से शुरू हो गया, लेकिन पहले ही दिन स्कूलों में पाठ्य पुस्तकों और यूनिफॉर्म की कमी ने शिक्षा विभाग की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कक्षा 1 से 8 तक की पाठ्य पुस्तकें अब तक प्रदेश के करीब आधे संकुलों तक ही पहुंच पाई हैं, जबकि अधिकांश स्कूलों में बच्चों को पहले दिन न तो किताबें मिल सकीं और न ही यूनिफॉर्म का वितरण हो पाया।
जानकारी के अनुसार राज्य शासन द्वारा सरकारी, अनुदान प्राप्त तथा छत्तीसगढ़ बोर्ड से मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं। इस वर्ष भी पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा पुस्तकों की आपूर्ति में देरी होने से स्कूल खुलने के पहले दिन बच्चों को खाली हाथ लौटना पड़ा। जिन संकुलों में किताबें पहुंच भी चुकी हैं, वहां से संबंधित स्कूलों तक उनका वितरण नहीं हो सका।
9वीं-10वीं की किताबों में भी भ्रम की स्थिति
कक्षा 9वीं और 10वीं की पुस्तकें सभी हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों तक पहुंचा दी गई हैं, लेकिन इनमें आधी नई बारकोडयुक्त और आधी पुरानी बिना बारकोड वाली पुस्तकें भेजी गई हैं। इससे शिक्षकों के सामने स्कैनिंग और रिकॉर्ड संधारण को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। पाठ्य पुस्तक निगम की ओर से पुरानी पुस्तकों पर बारकोड स्टीकर चिपकाकर उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
कई स्कूलों में केवल औपचारिक रहा प्रवेशोत्सव
पुस्तकों और यूनिफॉर्म की अनुपलब्धता के कारण अनेक स्कूलों में शाला प्रवेशोत्सव केवल औपचारिकता बनकर रह गया। रायपुर जिले सहित कई स्थानों पर विद्यार्थियों को न तो किताबें वितरित की जा सकीं और न ही नई यूनिफॉर्म मिल पाई। शिक्षा सत्र के पहले दिन बच्चों में उत्साह तो दिखा, लेकिन आवश्यक सामग्री नहीं मिलने से निराशा भी नजर आई।
यूनिफॉर्म वितरण की भी धीमी रफ्तार
बच्चों की यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन संघ को दी गई है। इस वर्ष यूनिफॉर्म का रंग भी बदला गया है। 16 जून तक 18 जिलों में दो-दो सेट यूनिफॉर्म संकुल स्तर तक पहुंचा दिए गए हैं, जबकि 15 जिलों में केवल एक सेट ही पहुंच पाया है। विभाग का दावा है कि शेष यूनिफॉर्म भी जल्द उपलब्ध करा दी जाएगी।
25 जून तक सभी संकुलों में पहुंचेंगी किताबें
पाठ्य पुस्तक निगम की प्रबंध संचालक किरण कौशल ने बताया कि कक्षा 9वीं और 10वीं की पुस्तकें सभी स्कूलों में पहुंच चुकी हैं। कक्षा 1 से 8 तक की पुस्तकों का वितरण जारी है और आधे से अधिक संकुलों में किताबें पहुंचाई जा चुकी हैं। शेष संकुलों में 25 जून तक पाठ्य पुस्तकें पहुंचा दी जाएंगी, जिसके बाद स्कूलों में वितरण किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष कक्षा 4 की सभी विषयों तथा कक्षा 7 की अधिकांश विषयों की नई पाठ्य पुस्तकें लागू की गई हैं। वहीं निजी स्कूलों को 23 जून से पुस्तकों का वितरण शुरू किया जाएगा। वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए रायपुर में दो नए अस्थायी डिपो भी बनाए गए हैं।


















