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शराब दुकानों में ओवररेटिंग पर बड़ी कार्रवाई: 3 आबकारी एसआई निलंबित, 5 अधिकारियों को नोटिस

रायपुर। प्रदेश की शराब दुकानों में ओवररेटिंग और निगरानी में लापरवाही के मामलों पर आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। आबकारी आयुक्त पी.एस. एल्मा ने दुर्ग, कांकेर और सरगुजा जिले के तीन आबकारी उप निरीक्षकों (एसआई) को निलंबित कर दिया है। वहीं दो जिला आबकारी अधिकारियों और तीन सहायक जिला आबकारी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। राज्य स्तरीय एवं संभागीय उड़नदस्ता दलों द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान कई शराब दुकानों में निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर शराब बेचने के मामले सामने आए थे। टीमों ने ग्राहकों के माध्यम से ओवररेटिंग की पुष्टि की, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।

आबकारी आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल लगातार निरीक्षण कर रहा है और अनियमितता पाए जाने पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। नोटिस प्राप्त अधिकारियों को सात दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ एकपक्षीय दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि आबकारी विभाग में आठ दिनों के भीतर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले 11 जून को भी विभाग के एक दर्जन अधिकारियों और कर्मचारियों पर निलंबन एवं नोटिस की कार्रवाई की गई थी।

इन एसआई पर गिरी गाज

अनिल गुप्ता (अंबिकापुर)

सरगुजा जिले की बौरीपारा शराब दुकान में विदेशी शराब निर्धारित मूल्य से 100 रुपये अधिक कीमत पर बेचने का मामला सामने आने पर निलंबित किया गया।

ओम प्रकाश (भानुप्रतापपुर)

कांकेर जिले की दुर्गकोंदल शराब दुकान में बीयर की बोतल पर 10 रुपये अतिरिक्त वसूली पाए जाने पर कार्रवाई की गई।

हरीश पटेल (दुर्ग)

दुर्ग जिले की अंजोरा शराब दुकान में देशी शराब के 24 पाव पर 80 रुपये अतिरिक्त वसूलने के मामले में निलंबन किया गया।

पांच अधिकारियों को नोटिस

सी.आर. साहू, जिला आबकारी अधिकारी, दुर्ग

लक्ष्मीकांत गायकवाड़, जिला आबकारी अधिकारी, सरगुजा

धीरज कनौजिया, सहायक जिला आबकारी अधिकारी, दुर्ग

मधुकर श्याम हरित, सहायक जिला आबकारी अधिकारी, कांकेर

शीला बड़ा, सहायक जिला आबकारी अधिकारी, सरगुजा

 बैगा आदिवासियों से अवैध वसूली की शिकायत

इधर, कवर्धा जिले में पदस्थ दो आबकारी उप निरीक्षकों रायजादा और गीता के खिलाफ विशेष संरक्षित बैगा आदिवासियों से कथित अवैध वसूली और फर्जी प्रकरण दर्ज करने के आरोप लगाए गए हैं। छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद ने आबकारी आयुक्त को भेजी शिकायत में आरोप लगाया है कि दोनों अधिकारी ग्रामीणों को जेल भेजने की धमकी देकर 10 से 25 हजार रुपये तक की वसूली करते हैं। परिषद ने कथित पीड़ित बैगा परिवारों की सूची भी शिकायत के साथ संलग्न की है। मामले की जांच की मांग की गई है।

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