रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में Enforcement Directorate (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेश के तीन जिलों में एक साथ छापेमारी की। 30 अप्रैल को रायपुर, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर में कुल 13 ठिकानों पर दबिश दी गई, जिसमें अब तक 53 लाख रुपये नकद, 3.234 किलोग्राम सोना और कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 5 करोड़ 39 लाख रुपये आंकी गई है।
ईडी ने बताया कि यह कार्रवाई Prevention of Money Laundering Act, 2002 (पीएमएलए) के तहत की गई। जांच के दायरे में शराब कारोबारी, चार्टर्ड अकाउंटेंट, व्यवसायी और कॉर्पोरेट संस्थाओं से जुड़े लोग शामिल हैं। एजेंसी को संदेह है कि घोटाले से अर्जित अवैध रकम को छिपाने, लेन-देन करने और उसे वैध दिखाने में इनकी भूमिका रही है।
कार्रवाई के दौरान दुर्ग में कारोबारी और भाजपा नेता चतुर्भुज राठी के निवास और कार्यालय पर छापा मारा गया, वहीं भिलाई में गोविंद मंडल के घर और फैक्ट्री में भी जांच की गई। इसके अलावा बिलासपुर में सर्राफा कारोबारी विवेक अग्रवाल के घर और सदर बाजार स्थित ‘श्री राम ज्वेलर्स’ प्रतिष्ठान पर भी ईडी की टीम ने तलाशी ली। हालांकि, किस ठिकाने से कितनी मात्रा में नकदी या सोना बरामद हुआ, इसकी विस्तृत जानकारी एजेंसी ने सार्वजनिक नहीं की है।
ईडी की जांच में पहले ही सामने आ चुका है कि वर्ष 2019 से 2022 के बीच शराब लाइसेंस, आपूर्ति और बिक्री में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं। आरोप है कि इस दौरान अवैध कमीशन वसूली गई और सरकारी व्यवस्था का दुरुपयोग कर हजारों करोड़ रुपये का घोटाला किया गया।
ईडी ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है।



















