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छत्तीसगढ़ के खौफनाक सीरियल किलर, किसी ने साइनाइड पिलाया तो किसी ने सुहागे से ली तड़पा-तड़पा कर जान

रायपुर/ बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र के छोटे से गांव खर्वे में पिछले चार महीनों से एक के बाद एक हो रही रहस्यमयी मौतों ने पूरे इलाके को दहशत में डाल रखा था। गांव वाले इसे कभी बीमारी, कभी बदकिस्मती और कभी टोना-टोटका का असर मानते रहे, लेकिन असलियत इससे कहीं ज्यादा खौफनाक थी। मौतों के पीछे कोई बीमारी नहीं, बल्कि गांव का ही एक शख्स था, जो चुपचाप अपने परिचितों को मौत के घाट उतार रहा था।

पुलिस जांच में सामने आया कि गांव निवासी रामसहाय जायसवाल ने फरवरी से मई 2026 के बीच आठ लोगों की कथित रूप से जहर देकर हत्या कर दी, जबकि एक अन्य व्यक्ति हत्या के प्रयास में बच गया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने शराब में सुहागा (विषैले पदार्थ) मिलाकर अपने परिचितों को पिलाया और उनकी मौत हो गई।

मौत से पहले कुत्ते पर किया ‘ट्रायल’

पुलिस जांच के अनुसार रामसहाय ने अपनी योजना को अंजाम देने से पहले जहर का असर जांचने के लिए एक कुत्ते पर प्रयोग किया। जब वह सफल रहा तो उसने अपने परिचित लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने पुरानी रंजिश, गाली-गलौज, कर्ज विवाद, चरित्र संबंधी संदेह और टोना-टोटका जैसी वजहों को लेकर एक-एक कर लोगों को अपना शिकार बनाया।

चार महीने तक नहीं हुआ किसी को शक

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि लगातार मौतों के बावजूद किसी को आरोपी पर संदेह नहीं हुआ। पुलिस के मुताबिक रामसहाय खुद बीमार पड़े लोगों को अस्पताल ले जाने में मदद करता था और कई मृतकों के अंतिम संस्कार तथा कफन-दफन में भी शामिल होता था। इससे गांव वालों का शक उससे दूर रहा।

ग्रामीणों के आवेदन से खुला राज

6 जून 2026 को ग्रामीणों ने लगातार हुई आठ संदिग्ध मौतों को लेकर एसडीओपी कसडोल को आवेदन सौंपा और रामसहाय पर संदेह जताया। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच शुरू की। जांच के दौरान सात मृतकों के शवों का उत्खनन कराया गया और उन्हें पोस्टमार्टम एवं फॉरेंसिक परीक्षण के लिए रायपुर भेजा गया। एक मृतक का पहले ही दाह संस्कार हो चुका था। पुलिस ने डीएनए, विसरा और अन्य नमूनों को सुरक्षित कर जांच आगे बढ़ाई।

पुलिस को गुमराह करता रहा आरोपी

पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी लगातार खुद को निर्दोष बताता रहा और जांच को भटकाने की कोशिश करता रहा। लेकिन तकनीकी साक्ष्यों, ग्रामीणों के बयानों और जहर की खरीद से जुड़े सुरागों ने पुलिस को उसके करीब पहुंचा दिया। कड़ी पूछताछ के बाद आरोपी टूट गया और उसने कथित रूप से एक-एक हत्या की कहानी पुलिस के सामने बयां कर दी। उसने बताया कि अलग-अलग कारणों से नाराजगी रखने वाले लोगों को शराब में जहर मिलाकर पिलाया गया था।

आठ हत्याएं और एक हत्या का प्रयास

पुलिस के अनुसार आरोपी ने फरवरी से मई 2026 के बीच आठ लोगों को निशाना बनाया। इनमें पुरानी दुश्मनी, कर्ज विवाद, चुनावी रंजिश, गाली-गलौज और व्यक्तिगत संदेह जैसी वजहें सामने आई हैं। एक अन्य व्यक्ति कार्तिक कुम्हार भी कथित रूप से जहर मिली शराब पीने के बाद गंभीर रूप से बीमार हुआ, लेकिन उसकी जान बच गई।

प्रदेश के चर्चित मामलों में शामिल

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आठ हत्या और एक हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच अभी भी जारी है और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह प्रदेश के हाल के वर्षों के सबसे सनसनीखेज और जटिल आपराधिक मामलों में से एक है, जिसमें एक ही व्यक्ति पर अपने परिचितों को कथित रूप से सुनियोजित तरीके से निशाना बनाने का आरोप है। पुलिस ने कहा कि गहन जांच, तकनीकी साक्ष्यों और लगातार पूछताछ के आधार पर इस रहस्यमयी मौतों की श्रृंखला का खुलासा किया गया।

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