रातभर बिल्डिंग की चौकीदारी और साथ में कठिन परीक्षा की तैयारी. सुनने में थोड़ा मुश्किल काम लगता है, लेकिन हैदराबाद के एक शख्स ने इसे एकदम आसान काम साबित किया है. इतना ही उन्हें सफलता भी एक नहीं दो परीक्षाओं में मिली है. साथ ही कहा जा रहा है कि जल्द तीसरी परीक्षा के नतीजे घोषित होते ही वह उसमें भी बाजी मार लेंगे.
ऐसा कारनामा करने वाले शख्स का नाम गोले प्रवीण कुमार है. वह हैदराबाद की उस्मानिया यूनिवर्सिटी में वॉचमैन का काम करते थे. अब 31 वर्षीय कुमार सुरक्षा के बजाए कक्षाओं में छात्रों को पढ़ाते हुए नजर आएंगे. उन्होंने पीजी टीचर और जूनियर लेक्चरर की परीक्षा में सफलता मिली है.
वह बताते हैं कि एमकॉम, बीएड और एमएड की डिग्री होने के बाद भी वॉचमैन का काम चुना. उन्होंने कहा, ‘मुझे ऐसा कभी नहीं लगा कि मैं नौकरी कर रहा हूं. मेरे पास कमरा था, किताबों और पढ़ाई की सामग्री थी और पढ़ाई का समय भी था.’ उन्होंने कहा कि और यही सब चीजें जरूरी थीं.
कहा जा रहा है कि यूनिवर्सिटी के अधिकारियों को लगता है कि कुमार तीसरी नौकरी भी हासिल कर लेंगे. जबकि, खुद कुमार जूनियर लेक्चरर पद के लिए उत्साहित नजर आ रहे हैं. खास बात है कि कभी हर महीने 9 हजार रुपये की सैलरी पाने वाले कुमार को 73 हजार रुपये 83 हजार रुपये का पैकेज मिलेगा.