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महादेव सट्टा ऐप मामला: ईडी को मिले कई नए सुराग

रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा और स्काईएक्सचेंज से जुड़े कथित धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। मामले में गिरफ्तार ईबीएक्स के मालिक और दिल्ली भाजपा नेता विकास गर्ग को रायपुर स्थित पीएमएलए की विशेष अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इससे पहले ईडी ने उनसे 10 दिनों तक गहन पूछताछ की, जिसमें जांच एजेंसी को कई नए अहम सुराग मिलने का दावा किया जा रहा है।

 जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान महादेव ऑनलाइन बुक सिंडिकेट से अर्जित कथित अपराध की आय और उसके धन शोधन से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। ईडी को विकास गर्ग और महादेव ऐप के कथित प्रमोटर सौरभ चंद्राकर तथा रवि उप्पल के बीच वित्तीय लेन-देन और कारोबारी संबंधों से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी मिले हैं।

15 जुलाई को ईडी की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद विकास गर्ग को विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इस दौरान अदालत परिसर के बाहर उस समय हलचल मच गई, जब गर्ग के साथ मौजूद लोगों ने कथित तौर पर तौलिये की आड़ लेकर उन्हें मीडिया कैमरों से बचाने का प्रयास किया।

सट्टे की रकम को वैध निवेश बनाने की जांच

ईडी अब इस बात की जांच कर रही है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी से अर्जित कथित अवैध धन को कई स्तरों वाली वित्तीय संरचनाओं और कंपनियों के जरिए वैध निवेश के रूप में कैसे दर्शाया गया। जांच एजेंसी ने सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और उनके सहयोगियों से जुड़े बैंक खातों के लेन-देन का भी विश्लेषण किया है। आरोप है कि घरेलू और विदेशी कंपनियों के माध्यम से जटिल वित्तीय व्यवस्था बनाकर अवैध कमाई को वैध संपत्ति में बदलने का प्रयास किया गया।

 पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 50 के तहत कई लोगों को बयान दर्ज कराने के लिए समन भी जारी किए हैं। एजेंसी को उम्मीद है कि इन बयानों से जांच में और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आएगी।

अब तक करीब 4,000 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त

ईडी ने विकास गर्ग को 14 जुलाई को नई दिल्ली से पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया था और ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया गया था। जांच के दौरान एजेंसी ने विकास गर्ग, उनके परिजनों और उनसे जुड़ी संस्थाओं की लगभग 940.77 करोड़ रुपये की चल एवं अचल संपत्तियां जब्त की हैं। महादेव ऑनलाइन बुक और उससे जुड़े धन शोधन मामले में अब तक ईडी द्वारा जब्त, अटैच या फ्रीज की गई संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 4,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जिसमें विदेशों में स्थित संपत्तियां भी शामिल हैं। मामले में आगे भी कई लोगों से पूछताछ और नई कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

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