भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (सीएसवीटीयू) ने तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रमों को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने विभिन्न इंजीनियरिंग और कंप्यूटर संकायों के बोर्ड ऑफ स्टडीज (बीओएस) का पुनर्गठन करते हुए विशेषज्ञ शिक्षकों की नई टीम गठित की है। यह बोर्ड भविष्य में पाठ्यक्रमों के पुनरीक्षण, परीक्षा प्रणाली में सुधार और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी शिक्षा विकसित करने का कार्य करेगा।
विश्वविद्यालय द्वारा कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, कंप्यूटर एप्लीकेशन, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन तथा इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग सहित विभिन्न शाखाओं के लिए नए बोर्ड ऑफ स्टडीज का गठन किया गया है। इनमें अध्यक्ष, प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, रीडर और सहायक प्राध्यापकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शिक्षा, उद्योग और शोध के बीच बनेगा बेहतर तालमेल
विश्वविद्यालय के अनुसार बोर्ड ऑफ स्टडीज का प्रमुख उद्देश्य समय-समय पर पाठ्यक्रमों का पुनरीक्षण करना, नई तकनीकों को पाठ्यक्रम में शामिल करना, परीक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा को विकसित करना है। इससे विद्यार्थियों को रोजगारपरक, कौशल आधारित और आधुनिक तकनीकी शिक्षा का लाभ मिलेगा।
छात्रों और उद्योग विशेषज्ञों की भी होगी भागीदारी
सीएसवीटीयू ने बताया कि बोर्ड ऑफ स्टडीज में स्टूडेंट मेंबर, बाहरी विशेषज्ञों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों का नामांकन अलग से किया जाएगा। इससे पाठ्यक्रम निर्माण की प्रक्रिया में विद्यार्थियों और उद्योगों की भागीदारी सुनिश्चित होगी। विश्वविद्यालय का मानना है कि इससे नवाचार, शोध और स्किल आधारित शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा तथा शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा।
नवगठित समितियों में बीआईटी दुर्ग, आरसीईटी भिलाई, सीईसी बिलासपुर, एसएसटीसी भिलाई, शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज रायपुर, शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बिलासपुर तथा सीएसवीटीयू के यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट (यूटीडी) सहित प्रदेश के विभिन्न प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञ शिक्षकों को शामिल किया गया है।
31 जुलाई से शुरू होंगी बी.फार्मेसी प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं
सीएसवीटीयू ने बी. फार्मेसी (पीसीआई स्कीम) के प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर की अप्रैल-मई 2026 परीक्षा का समय-सारिणी भी जारी कर दिया है। प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं 31 जुलाई से 8 अगस्त तक आयोजित होंगी। पहले दिन ह्यूमन एनाटॉमी एंड फिजियोलॉजी-1 का प्रश्नपत्र होगा, जबकि इसके बाद फार्मास्यूटिकल एनालिसिस-1, फार्मास्यूटिक्स-1 और फार्मास्यूटिकल इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री की परीक्षाएं होंगी।
वहीं, द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं 1 अगस्त से 7 अगस्त तक आयोजित की जाएंगी। इसमें ह्यूमन एनाटॉमी एंड फिजियोलॉजी-2, फार्मास्यूटिकल ऑर्गेनिक केमिस्ट्री-1, बायोकेमिस्ट्री और पैथोफिजियोलॉजी विषय शामिल हैं।
विश्वविद्यालय ने बताया कि सभी परीक्षाएं सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित होंगी। विद्यार्थियों से परीक्षा तिथि, विषय और समय का सावधानीपूर्वक अवलोकन कर समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने तथा विश्वविद्यालय के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।


















