महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई जिलों में मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जबकि नाशिक जिले में बादल फटने की आशंका को लेकर प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। संभावित खतरे को देखते हुए प्रसिद्ध त्र्यंबकेश्वर मंदिर को एहतियातन श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया है। मौसम विभाग ने नाशिक और आसपास के इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों को तैनात कर दिया है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। भारी बारिश के कारण कई नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ गया है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जबकि कुछ स्थानों पर सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक मौसम संबंधी सूचनाओं का पालन करने की सलाह दी है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए त्र्यंबकेश्वर मंदिर को अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला लिया गया है। मौसम की स्थिति सामान्य होने के बाद ही मंदिर को दोबारा खोले जाने पर निर्णय लिया जाएगा।
बादल फटने का अलर्ट
नासिक ग्रामीण पुलिस ने पर्यटकों से जिले की यात्रा नहीं करने की अपील की है। एसपी डॉक्टर डीएस स्वामी ने कहा है कि इगतपुरी, वडिवर्हे और त्र्यंबकेश्वर पर चेक पॉइंट्स लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा है कि कलेक्टर के आदेश के बाद त्र्यंबकेश्वर और वाणी मंदिरों को मंगलवार को बंद रखने का फैसला लिया गया है। नाशिक में मंगलवार सुबह से ही तेज बारिश हो रही है और कई स्थानों पर जलभराव हो गया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को बताया है कि भारी बारिश का यह संकट आठ जुलाई तक जारी रह सकता है, जिसके कारण पूरे सरकारी तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने मंगलवार को नासिक के कुछ हिस्सों में बादल फटने जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई।
मुंबई में ऑरेंज अलर्ट
IMD यानी भारत मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से कुछ क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसमें मुंबई, कोल्हापुर, सतारा, सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी जिले शामिल हैं। इनके अलावा स्थानों पर बारिश के आसार हैं।
24 घंटे में 600 मिमी बारिश
अधिकारियों का कहना है कि बीते दो दिनों में मुंबई-पुणे लाइन पर करजत-लोनावला घाट सेक्शन पर यातायात खासा प्रभावित हुआ है। यहां 24 घंटों में 600 मिमी बारिश हुई है। पुणे जिले में बीते दो दिनों में 22 स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं हुईं हैं। इसके अलावा पुणे शहर में भी भयंकर जलभराव के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
मिसिंग लिंक शुरू
करीब 18 घंटों से अधिक समय तक बंद रहा मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे का मिसिंग लिंक फिर से शुरू हो गया है। राहत कर्मियों को सोमवार शाम यातायत दोबारा शुरू करने में सफलता मिली। पीटीआई से बातचीत में एक अधिकारी ने बताया कि ट्रैफिक रात 10 बजकर 10 मिनट पर शुरू हो गया था। इसके पहले सुरक्षा जांचें की गईं थीं।
स्कूल और कॉलेज बंद
एजेंसी के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि एहतियात के तौर पर मुंबई में मंगलवार को सभी सरकारी, निजी और नगर निगम संचालित स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे। लगातार हो रही बारिश की वजह से सोमवार को मुंबई और आस-पास के जिलों में जन-जीवन लगभग ठप हो गया। कई सड़कें पानी में डूब गईं, पेड़ उखड़ गए और दीवार व बिलबोर्ड गिरने की कई घटनाएं सामने आईं।
12 घंटे बंद रहा गोवा हाईवे
काशेडी घाट सेक्शन में भूस्खलन होने के चलते मुंबई-गोवा हाईवे सोमवार को 12 घंटे के लिए बंद हो गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, PWD सचिव संतोष शेलार ने बताया, ‘गोवा जाने वाला मार्ग यातायात के लिए खोल दिया गया है, लेकिन मुंबई कॉरिडोर को मंगलवार को खोला जाएगा।’ उन्होंने बताया है कि इस घटना में किसी को चोट नहीं आई और न ही किसी वाहन को नुकसान पहुंचा है।


















