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1000 करोड़ की कथित धोखाधड़ी: रायपुर के कारोबारी महेंद्र गोयनका दिल्ली से गिरफ्तार

रायपुर/कोलकाता। रायपुर के कारोबारी महेंद्र गोयनका को करीब 1000 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में कोलकाता पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। अदालत में पेशी के बाद उन्हें 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। मामला मध्यप्रदेश के कटनी जिले के विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक के परिवार की कंपनियों से जुड़ा है।

पुलिस के अनुसार, महेंद्र गोयनका पर आरोप है कि उन्होंने अपनी पत्नी और सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों और कथित फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए पाठक परिवार की कंपनी यूरो प्रतीक इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधन पर अवैध नियंत्रण हासिल करने की कोशिश की। आरोप है कि कंपनी के दो निदेशकों को हटाकर उनकी जगह चार अन्य लोगों को नियुक्त कराया गया और कंपनी के वित्तीय लेनदेन में अनियमितता के साथ कंपनी की संपत्तियों के कथित गबन की भी साजिश रची गई।

कोलकाता में वर्ष 2024 में दर्ज एफआईआर के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 120-बी, 467, 468, 471 सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले में कोलकाता पुलिस ने दिल्ली से गोयनका को गिरफ्तार किया। इस मामले से जुड़े विवाद में कटनी के कोतवाली और माधवनगर थाने में भी जालसाजी और धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामले दर्ज हैं। इनमें महेंद्र गोयनका के अलावा रायपुर निवासी हिमांशु श्रीवास्तव, सन्मति जैन, सुनील अग्रवाल सहित अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।

जानकारी के अनुसार, आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं निचली अदालत, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक से खारिज हो चुकी हैं। इसके बावजूद कुछ आरोपी लंबे समय से फरार बताए जा रहे हैं। इसी बीच, 9 मई 2025 को राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण की मुंबई पीठ ने एक आदेश में महेंद्र गोयनका और उनकी पत्नी मीनू गोयनका से जुड़े वित्तीय लेनदेन पर गंभीर टिप्पणियां की थीं। इसके अलावा उनकी एक अन्य कंपनी निसर्ग इस्पात से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के मामलों की भी जांच चल रही है। फिलहाल कोलकाता पुलिस रिमांड के दौरान पूरे कथित वित्तीय नेटवर्क, दस्तावेजों और लेनदेन की जांच कर रही है।

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