नई दिल्ली: अगर आप एफडी में निवेश करना पसंद करते हैं तो आपके लिए जरूरी खबर है. इस बार बजट में सभी एफडी पर फ्लैट 15 फीसदी टैक्स लगाने की घोषणा हो सकती है. देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने सरकार को इस बारे में सुझाव दिया है. अभी तक एफडी से हुए मुनाफे पर स्लैब आधारित टैक्स लगता है. एसबीआई ने अपनी प्री-बजट रिपोर्ट ‘केंद्रीय बजट 2025-26 की प्रस्तावना’ पेश की है. इसमें सुझाव दिया गया है कि सभी प्रकार की एफडी से ब्याज के रूप में मिले मुनाफे पर 15% फ्लैट टैक्स लगाया जाए. इस प्रस्ताव का उद्देश्य डिपॉजिट टैक्सेशन को इक्विटी के साथ जोड़ना और बैंक लिक्विडिटी को स्थिर करना है. हालांकि इससे सरकार को सालाना 10,408 करोड़ रुपये के रेवेन्यू का नुकसान हो सकता है.
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एफडी पर अभी यह है टैक्स सिस्टम
एफडी पर मिलने वाली ब्याज अभी स्लैब सिस्टम पर आधारित है. यह सालाना 5 से 30 फीसदी है. एफडी से मिली ब्याज को उस शख्स की इनकम में जोड़ दिया जाता है. फिर उस शख्स की इनकम जिस स्लैब में आती है, उसे उसी के अनुरूप इनकम टैक्स देना होता है. वहीं अगर सालाना ब्याज आय 40 हजार रुपये से ज्यादा है तो उस पर 10 फीसदी टीडीएस भी देना होता है.
सेविंग अकाउंट पर ज्यादा छूट!
एसबीआई ने सेविंग अकाउंट से मिलने वाली ब्याज पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ाने की भी सिफारिश की है. अभी तक अकाउंट में जमा रकम पर 10 हजार रुपये तक की ब्याज पर टैक्स छूट मिलती है. एसबीआई ने सिफारिश की है कि इस छूट को बढ़ाकर 20 हजार रुपये किया जाए.
सरकार पर बढ़ेगा बोझ
अगर इन दोनों सिफारिशों को लागू किया जाता है तो इससे सरकार पर बोझ बढ़ेगा. दोनों सिफारिशों के लागू होने से सालाना 11,965 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. यह भारत के वित्त वर्ष 2026 के अनुमानित 357.2 लाख करोड़ रुपये के जीडीपी का 0.14% है.
1 फरवरी को पेश होगा बजट
केंद्रीय बजट 2025 अगले महीने एक फरवरी को पेश होगा. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे संसद में इसे पेश करेंगी. इस बजट में इनकम टैक्स स्लैब में बदलावों को लेकर चर्चा है. वहीं टेक्सटाइल और रेलवे जैसे महत्वपूर्ण सेक्टर के बजट में भारी बढ़ोतरी की जा सकती है.



















