FIFA World Cup : फुटबॉल के मैदान में दौड़ती गेंद को देखकर शायद ही कोई सोचता हो कि उसके अंदर एक हाई-टेक सेंसर, बैटरी और रियल-टाइम डेटा ट्रांसमिशन सिस्टम वाला पूरा कंप्यूटर छिपा हो सकता है। हालांकि, FIFA World Cup 2026 की आधिकारिक मैच बॉल TRIONDA कुछ ऐसी ही है। यह सिर्फ गोल करने का तरीका नहीं, बल्कि रेफरी और VAR सिस्टम की मदद करने वाला एक स्मार्ट डिवाइस भी है। आइए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं। FIFA 2026 World Cup की आधिकारिक गेंद का नाम TRIONDA रखा गया है। इसका मतलब ‘Three Waves’ यानी ‘तीन लहरें’ है, जो अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको- तीनों मेजबान देशों का प्रतीक है।
बॉल के अंदर छिपा है 500Hz सेंसर
TRIONDA में Connected Ball Technology दी गई है। इसके भीतर एक एडवांस्ड 500Hz मोशन सेंसर लगा है, जो गेंद की हर ऐक्टिविटी को रिकॉर्ड करता है। इसका मतलब है कि बॉल प्रति सेकंड 500 बार अपनी गति, दिशा, स्पिन और टच से जुड़ा डाटा कैप्चर करती है। सेंसर इतनी तेजी से डाटा रिकॉर्ड करता है कि किसी खिलाड़ी ने गेंद को कब छुआ, इसका सटीक समय भी सिस्टम के पास उपलब्ध रहता है। यही जानकारी बाद में VAR और Semi-Automated Offside Technology के लिए बेहद काम की साबित होती है।
ऑफसाइड फैसलों में मिलती है मदद
आजकल फुटबॉल मैच में ऑफसाइड के फैसले अक्सर मिलीमीटर के अंतर पर निर्भर करते हैं। TRIONDA का सेंसर हर टच का सटीक टाइमस्टैम्प रिकॉर्ड करता है और यह डाटा रियल-टाइम में वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) सिस्टम तक पहुंचाया जाता है। इसके बाद स्टेडियम में लगे कैमरों से मिले डाटा के साथ इसे मिलाकर यह तय किया जाता है कि पास दिए जाने के वक्त खिलाड़ी ऑफसाइड पोजीशन में था या नहीं। नई टेक्नोलॉजी का काम रेफरी के फैसलों को तेज और अधिक सटीक बनाना है, जिससे विवाद कम हों और गेमफ्लो बेहतर बना रहे।
क्या यह हैंडबॉल भी पकड़ सकती है?
कई लोग मानते हैं कि स्मार्ट बॉल खुद बता देती है कि गेंद हाथ से लगी या नहीं। हालांकि, वास्तव में ऐसा नहीं है। सेंसर केवल यह रिकॉर्ड करता है कि गेंद को कब और किस मोमेंट पर छुआ गया। इसके बाद कैमरों और VAR फुटेज के साथ इस डाटा का एनालिसिस किया जाता है। यानी सेंसर रेफरी को एक्सट्रा प्रूफ देता है, लेकिन आखिरी फैसला इंसान ही लेते हैं।
चार्ज भी करनी पड़ती है ये फुटबॉल
TRIONDA के अंदर मौजूद इलेक्ट्रॉनिक्स और वायरलेस ट्रांसमिशन सिस्टम को एनर्जी और पावर की जरूरत होती है। यही वजह है कि इस गेंद में रिचार्जेबल सिस्टम दिया गया है और मैच से पहले इसे चार्ज किया जाता है। दूसरे शब्दों में कहें तो World Cup की आधिकारिक बॉल अब एक गैजेट की तरह भी काम करती है।
अब तक की सबसे हाई-टेक फुटबॉल?
Adidas और FIFA का दावा है कि TRIONDA अब तक की सबसे एडवांस्ड World Cup गेंदों में से एक है। इसमें 500Hz सेंसर, Connected Ball Technology, नया फोर-पैनल डिजाइन और बेहतर एयरोडायनामिक्स दिए गए हैं। यह टेक्नोलॉजी 2022 World Cup में इस्तेमाल हुई Connected Ball Technology का एडवांस्ड वर्जन है, जिसे अब सुधारों के साथ और बेहतर बनाया गया है।


















